लाडवा। शहर की धार्मिक, सांस्कृतिक व मंचीय संस्था श्री राम हनुमान रामलीला समिति की ओर से रामलीला मंचन के दूसरे दिन श्रवण कुमार लीला का मंचन किया गया, जिसे देख दर्शक भाव विभोर हो गए। मंचन का शुभारंभ कैंब्रिज एजुकेशन के डायरेक्टर भूपिंदर खानपुर व समाजसेवी पवन कंसल गजलाना ने मुख्यातिथि के रूप में महादेव की आरती करके किया। इस दौरान बाबा बंसी वाला वृद्धआश्रम में रहने वाले बुजुर्गों को आमंत्रित किया गया। समिति की ओर से समाज के युवाओं को अपने माता पिता की सेवा करने का संदेश देने के उद्देश्य से बुजुर्गों का सम्मान भी किया गया।
मुख्य अतिथि भूपिंदर खानपुर ने कहा कि समिति की ओर से प्रभु राम की लीला का बेहतरीन मंचन किया जा रहा है, जिसके लिए सभी कलाकार बधाई के पात्र हैं। श्रवण कुमार नाटक का मंचन युवा पीढ़ी और बच्चों को माता पिता की सेवा करने का उत्तम संदेश देता है और माता पिता के हित में अपने प्राणों की परवाह न करने के लिए प्रेरित करता है। समाजसेवी पवन कंसल गजलाना ने प्रेरणा देते हुए कहा कि सभी को अपने माता पिता को भगवान मानना चाहिए और उनका कहा कभी टालना नही चाहिए।
श्रवण कुमार मंचन में मातृ पितृ भक्त श्रवण कुमार की अपने माता पिता की सेवा करना व उन्हें अपने कंधे पर कांवड़ में तीर्थों के लिए लेकर जाने वाले दृश्य ने जहां नई पीढ़ी को माता पिता की सेवा करने का संदेश दिया। वहीं राजा दशरथ द्वारा गलती से श्रवण कुमार की हत्या पर श्रवण कुमार और उसके माता पिता के विलाप ने दर्शकों को भाव विभोर कर दिया। समिति के उपप्रधान राकेश कंबोज ने बताया कि श्रवण कुमार का पात्र विशाल कम्बोज, राजा दशरथ का पात्र निदेशक कुश गर्ग, गुरु वशिष्ठ का पात्र पूर्व पार्षद सुनील, श्रवण के पिता शान्तु का पात्र शिवांश कम्बोज व श्रवण की माता ज्ञानवती का पात्र विवेक शर्मा और मंत्रियों का पात्र केशव तायल, मोंटी, गौरव कालड़ा व अभिनव गोयल ने बेहतरीन तरीके से निभाया।