संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के एक शोधार्थी ने अपने गाइड पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाते कुलपति और कुलसचिव को शिकायत ई-मेल की है। शोधार्थी का आरोप है कि एमफिल में नामांकन के बाद उसे पिछले पांच वर्षों से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच कमेटी का गठन कर दिया है।
शिकायत में शोधार्थी दीपक कुमार ने बताया है कि वह भूगोल विभाग के चेयरपर्सन प्रो. ओमवीर सिंह की गाइडेंस में ‘हिमाचल प्रदेश की पार्वती नदी में बर्फ के आवरण की परिवर्तनशीलता और चयनित हाइड्रोलॉजिकल और जलवायु विज्ञान मापदंडों पर इसका प्रभाव’ विषय पर एमफिल कर रहा है। आरोप है उसने समय-समय पर अपना शोध प्रो. ओमवीर सिंह को प्रस्तुत किया, लेकिन उनकी ओर से सत्यापन और जांच न करने पर शोध प्रबंध अब तक जमा नहीं हो पाया। शोधार्थी का कहना है कि उसके कॅरिअर के साथ उसकी मानसिक स्थिति पिछले पांच वर्षों में बर्बाद हो गई है।
शोधार्थी ने केयू प्रशासन से अनुरोध किया कि या तो उसका गाइड बदला जाए या फिर उसकी एमफिल का शोध जमा किया जाए। शोधार्थी दीपक ने बताया कि उसने 20 अप्रैल को इस बारे में पीएम और सीएम को भी ट्वीट किया था, हालांकि वहां से उसके ट्वीट पर अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। दीपक ने कहा कि आमतौर पर शोधार्थी दो से ढाई साल में एमफिल कर जाते हैं, लेकिन गाइड के कारण उसकी एमफिल पांच साल में भी नहीं हो पाई।
कमेटी कर रही मामले की जांच : प्रो. मंजुला चौधरी
डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. मंजुला चौधरी ने कहा कि जिस दिन शोधार्थी की ओर से कुलपति व कुलसचिव को शिकायत भेजी गई थी, उसी दिन इस मामले में जांच कमेटी का गठन कर दिया गया था। किमेटी अपनी जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी फैसला लिया जाएगा।
शिकायत का जवाब दे दिया है : प्रो. ओमवीर
भूगोल विभाग के चेयरपर्सन एवं शोधार्थी के गाइड प्रो. ओमवीर सिंह का कहना है कि उनके खिलाफ जो शिकायत आई थी वे उसका जवाब दे चुके हैं।