कुरुक्षेत्र। इनेलो व शिरोमणी अकाली दल के बीच सियासी नहीं दिल का रिश्ता है। दोनों ही पार्टियां सगे भाई की तरह है और दोनों ही गरीब व किसान की पार्टी है। इस वर्ग को बचाना है तो दिल्ली की राजनीतिक पार्टियों को हराना होगा। लोकसभा चुनावों में भी क्षेत्रीय पार्टियां ही विजयी बनानी होंगी। ये ही जमीन से जुड़ी पार्टी है जबकि दिल्ली की पार्टियों को गरीब व किसान वर्ग से कोई लेना-देना नहीं है। यह आह्वान पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री एवं शिअद सुप्रीमो सुखबीर सिंह बादल ने किया। वे बुधवार को इनेलो प्रत्याशी अभय चौटाला के नामांकन के दौरान कुरुक्षेत्र पहुंचे थे। उन्होंने अभय चौटाला के समर्थन में थीम पार्क में आयोजित रैली को संबोधित किया।
सुखबीर बादल ने कहा कि हरियाणा प्रदेश में केवल इनेलो ही स्थानीय पार्टी चुनाव मैदान में है जबकि बाकी दोनों बड़ी पार्टियां दिल्ली की है। लोगों को अब स्थानीय पार्टी को ही केंद्रीय सत्ता में बड़ा भागीदार बनाना होगा। उन्होंने कहा कि ताऊ देवीलाल व प्रकाश सिंह बादल ने गरीब, कमेरे व किसान वर्ग की जीवनभर लड़ाई लड़ी। यहां तक कि पिछले किसान आंदोलन के दौरान भी इनेलो व शिअद ने पूरा समर्थन दिया था तो वहीं अभय चौटाला ने किसानों के हक में अपना विधायक पद तक छोड़ दिया था। उन्होंने कहा कि आज देश में दिल्ली की पार्टियां राज कर रही है, जिसके चलते देश के हालात बेहद बदतर बने हुए हैं।
उन्होंने कहा कि भाजपा अब भ्रष्टाचारियों की पार्टी बन चुकी है। दूसरी पार्टियों के भ्रष्ट नेता भी भाजपा में जाते ही बेदाग हो जाते हैं। पंजाब में आप की सरकार के मुख्यमंत्री शाम पांच बजे के बाद कहीं दिखाई ही नहीं देते। उन्होंने उन पर नशे में चूर हो जाने का आरोप भी लगाया और कहा कि यही वजह है कि पंजाब में शिअद ने आप के साथ गठबंधन नहीं किया।
उधर अभय चौटाला ने कहा कि कुरुक्षेत्र में कांग्रेस गठबंधन व भाजपा के प्रत्याशी सिर्फ वोट हासिल करने के लिए आए हैं। उन्हें इस क्षेत्र के लोगों से कुछ लेना देना नहीं है। पहले सत्ता में रहने के बावजूद एक भी वादा पूरा नहीं किया और आज लोग उनका पुरजोर विरोध कर रहे हैं। भाजपा का 400 पार का नारा व मोदी की गारंटी सिर्फ लोगों को गुमराह करने का प्रयास है। भाजपा नेता मोदी की गारंटी नहीं बता पा रहे। अगले पांच साल का विजन तक नहीं स्पष्ट कर पा रहे। प्रधानमंत्री मोदी ने देश को व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने हरियाणा को हर क्षेत्र में पीछे धकेलने का काम किया है। भाजपा व कांग्रेस के पास अपने प्रत्याशी तक नहीं है। अभय चौटाला ने एलान किया कि भले ही 544 सांसद भाजपा के साथ चले जाएं लेकिन वे किसी भी स्तर पर भाजपा में नहीं जाएंगे। इस दौरान करनाल प्रत्याशी मराठा विरेंद्र वर्मा, शेर सिंह राणा, प्रदेशाध्यक्ष रामपाल माजरा, अर्जुन चौटाला, सुनैना चौटाला, शेर सिंह बड़शामी ने भी संबोधित किया। इससे पहले अभय चौटाला ने अपना नामांकन पत्र भरा, जिस दौरान पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर बादल, मराठा वीरेंद्र वर्मा, अभय चौटाला की पत्नी कांता चौटाला भी मौजूद रहीं।