संवाद न्यूज एजेंसी
इस्माईलाबाद। बिजली विभाग के आश्वासन के बाद बुधवार को भी 33केवी की तकनीकी खराबी दुरुस्त न होने से गांव अजरावर, खेडी शहीदां, चम्मूकलां, माजरी, गोरखा आदि कई गांवों के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने भाकियू के नेतृत्व में बिजली कार्यालय में एकत्रित होकर सरकार व विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धरना दिया। पावर हाउस से क्षेत्र में जाने वाली सभी सप्लाई को बंद करवा दिया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
भारतीय किसान यूनियन के ब्लॉक अध्यक्ष गुरनाम सिंह चम्मूकलां में कहा कि गांव अजरावर, खेडी शहीदां, चम्मूकलां, माजरी, गोरखा आदि कई गांवों की खेतों की बिजली सप्लाई पिछले कई दिनों से बाधित है। इस समय धान की फसल को सिंचाई की अधिक जरूरत है। बिजली आपूर्ति न होने फसल खराब होने का खतरा मंडरा रहा है। बिजली विभाग के अधिकारी आश्वासन देने के सिवाय कुछ नहीं कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि खेतों की बिजली सप्लाई न आने से परेशान किसानों ने मंगलवार को बिजली कार्यालय में एकत्रित होकर बिजली सप्लाई ठीक करने की मांग रखी और बिजली कार्यालय में धरना भी दिया था। एक्सईएन ने मौके पर पहुंच कर किसानों को आश्वासन दिया था कि रात तक सप्लाई ठीक कर दी जाएगी।बुधवार को तक सप्लाई ठीक ने होने से किसानों का गुस्सा ओर बढ़ गया और किसानों ने बिजली कार्यालय में एकत्रित होकर विभाग व सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। करीब एक बजे बिजली सप्लाई ठीक होने के बाद किसानों ने धरना-प्रदर्शन समाप्त किया उसके बाद विभाग ने राहत की सांस ली।