कुरुक्षेत्र। मंदिर के पास की जगह पर जमी काई को बांस की झाड़ू से उतारता सफाई कर्मी। संवाद
- फोटो : samvad
कुरुक्षेत्र। मुख्यमंत्री नायब सैनी के सोमवार को कुरुक्षेत्र दौरे से ठीक पहले प्रशासन की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई। मुख्यमंत्री को ब्रह्मसरोवर स्थित सर्वेश्वर महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना करनी थी। इसके लिए सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं पहले से की गई थीं, लेकिन मंदिर के आसपास सरोवर की सफाई का काम उनके पहुंचने से महज एक घंटा पहले शुरू कराया गया। सफाई कर्मचारियों को सरोवर से काई, फूल-पत्तियां और अन्य गंदगी निकालते देखा गया। कर्मचारियों ने जल्दबाजी में मंदिर के आसपास के हिस्से को साफ किया ताकि मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान व्यवस्था बेहतर दिखाई दे सके।
वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि सरोवर और मंदिर परिसर में नियमित सफाई होनी चाहिए यदि सफाई व्यवस्था पहले से दुरुस्त रहती तो मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक पहले इस तरह की कवायद की जरूरत नहीं पड़ती। मंदिर में पहुंचे श्रद्धालु रामसिंह ने कहा कि क्या प्रशासन केवल वीआईपी दौरों के समय ही सफाई और व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर होता है। कई श्रद्धालुओं का कहना है कि ब्रह्मसरोवर धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण स्थल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में साफ-सफाई केवल विशेष अवसरों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि नियमित रूप से होनी चाहिए। संवाद
कुरुक्षेत्र। मंदिर के पास की जगह पर जमी काई को बांस की झाड़ू से उतारता सफाई कर्मी। संवाद- फोटो : samvad