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Kurukshetra News: तय नहीं हो पाई धर्मनगरी का कचरा खपाने की जगह, 10 दिन से नगर निकाय मुख्यालय की अनुमति की वाट जोह रहा नगर प्रशासन

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कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के कचरे को लेकर नगर प्रशासन आज तक भी डंपिंग साइट फाइनल नहीं कर पाया है, जिसके चलते यह कचरा खपाना बड़ी चुनौती बन गया है। फिलहाल नगर प्रशासन सेक्टर 10 में ही यह कचरा खपा रहा है, जिसके चलते यहां कचरे का पहाड़ बन चुका है तो बारिश के बाद यह कचरा लोगों के लिए परेशानी का सबब बन चुका है। इससे उठ रही बदबू से हर कोई परेशान है तो वहीं बीमारी फैलने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
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उधर नगर प्रशासन मुख्यालय भेजे प्रस्ताव पर मोहर लगने की बाट जोह रहा है। अब अगले सप्ताह इस पर अनुमति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। नगर प्रशासन के लिए शहर का कर रोज निकल रहा 70 टन से ज्यादा कचरा खपाना सबसे बड़ी समस्या रही है। करीब छह साल पहले नगर परिषद ने मथाना में यमुनानगर रोड पर ही जमीन ली थी, लेकिन गांव के लोगों द्वारा कड़ा विरोध जताने के बाद यहां कचरा गिराना बंद करना पड़ा। इसके बाद कड़ी मशक्कत कर पिपली में नेशनल हाईवे किनारे जमीन तलाश की गई, जहां एक आश्रम होने के चलते यहां भी कचरा गिराए जाने का कड़ा विरोध हुआ तो नगर परिषद ने इसके बाद गांव बाहरी व कई अन्य जगहों पर भी जमीन की तलाश की, लेकिन यहां भी हर जगह विरोध हुआ।
पिछले करीब 15 दिन पहले नप ने नेशनल हाईवे पर करनाल की ओर जमीन की तलाश की है। शहर से करीब आठ किलोमीटर दूरी पर यह जमीन किसी निजी व्यक्ति की है, जिसके लिए दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी करने से पहले मामला निकाय मुख्यालय भेजा गया है, ताकि किसी प्रकार की विपरीत स्थिति का बाद में सामना न करना पड़े, लेकिन आज तक मुख्यालय से इस पर कोई जवाब नहीं आया है। ऐसे में नगर प्रशासन कचरा डंप करने को लेकर पशोपेश में हैं।
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कचरे का लगातार रहा विरोध
नगर प्रशासन जब आसपास के गांवों में नप जमीन नहीं फाइनल कर पाई तो कचरा कभी सेक्टर 13 तो कभी 10 में गिराया जाता रहा। सेक्टर 13 में जब लोगों ने भारी विरोध किया तो यहां कचरा डालना बंद करना पड़ा था। यहीं नहीं सेक्टर 10 में भी कई बार नप विरोध का सामना कर चुकी है। करीब 15 दिन पहले भी अधिकारियों ने लोगों को भरोसा दिया था कि जल्द स्थायी साइट तय कर ली जाएगी, जिसके बाद पूरा कचरा वहां पहुंचा दिया जाएगा।

अगले सप्ताह अनुमति की उम्मीद : मलिक
डीएमसी अश्वनी मलिक का कहना है कि नेशनल हाईवे के साथ लगती जमीन की तलाश की जा चुकी है। हालांकि सब कुछ तय हो चुका है, लेकिन मामला मुख्यालय भेजा गया है। जहां से अनुमति मिलते ही दस्तावेज पूरे कर लिए जाएंगे और फिर कचरा डंप करने की समस्या नहीं रहेगी। अभी तक इस संबंध में मुख्यालय से कोई सूचना नहीं पहुंची है, लेकिन उम्मीद है कि अगले हप्ते अनुमति जरूर मिल जाएगी।
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