कुरुक्षेत्र। हरियाणा विधानसभा के सत्र में कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से जुड़े एचकेआरएन कर्मचारियों की सेवा सुरक्षा और वर्षों से कार्यरत मेस कर्मचारियों को पक्का करने का मुद्दा सोमवार को उठा। विधायक अशोक अरोड़ा ने सदन में कर्मचारियों की स्थिति पर चिंता जताई और सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की।
विधायक अशोक अरोड़ा ने कहा कि कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में 40 वर्षों से अधिक समय से कार्य कर रहे मेस कर्मचारी आज भी मात्र 11 हजार रुपये वेतन पर काम करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक सेवा देने के बावजूद कर्मचारियों को न तो स्थायित्व मिला और न ही सम्मानजनक वेतन, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में कार्यरत एचकेआरएन कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा देने का मुद्दा भी उठाया गया। विधायक ने कहा कि अस्थायी कर्मचारियों को हर समय नौकरी जाने का डर बना रहता है, जो उनके भविष्य और परिवार के लिए चिंता का कारण है।
कोर्ट के फैसले को लागू करने की मांग
होस्टल मेस वर्कर्स यूनियन के प्रधान सुभाष पारचा ने बताया कि वर्ष 2016 में तत्कालीन शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने विधानसभा में ही कहा था कि मामला कोर्ट में विचाराधीन है और फैसला आने पर उसे लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि लेबर कोर्ट ने 31 मार्च 2017 को मेस कर्मचारियों के पक्ष में फैसला दिया था, जबकि नौ जुलाई 2025 को चंडीगढ़ हाईकोर्ट ने भी कर्मचारियों के हक में निर्णय सुनाया है। इसके बावजूद अब तक फैसले को लागू नहीं किया गया, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।