शाहाबाद। नगरपालिका प्रशासन ने अपने अधिकार क्षेत्र की जमीन पर अवैध रूप से बनी करीब 10 दुकानों को कार्रवाई करते हुए अपने कब्जे में ले लिया है। इस कार्रवाई की पुष्टि नगरपालिका सचिव बम्बूल सिंह मलिक ने की। उन्होंने बताया कि जिन लोगों ने इन दुकानों पर कब्जा किया गया था वह संपत्ति से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या दावा प्रस्तुत नहीं कर पाए। नगरपालिका सचिव ने स्पष्ट किया कि जिन दुकानों के मामले न्यायालय में लंबित हैं, उन्हें इस कार्रवाई से बाहर रखा गया है। केवल उन्हीं दुकानों पर कार्रवाई की गई जिनमें कानूनी प्रक्रिया को लेकर किसी प्रकार की बाधा नहीं थी।
नपा की कार्रवाई उस समय विवाद का कारण बन गई जब सचिव बम्बूल सिंह मलिक, नपा की टीम और पुलिस बल के साथ जेसीबी मशीन लेकर पुलिस चौकी रोड स्थित पुराने निरंकारी भवन के पास पहुंची। जैसे ही अवैध दुकानों को गिराने की प्रक्रिया शुरू हुई तो कुछ लोगों ने दुकान मालिक के तौर पर विरोध शुरू कर दिया और दुकानों के सामने बैठकर कार्रवाई रोकने का प्रयास किया। विरोध के दौरान इन लोगों ने दावा किया कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए नगरपालिका कोई कार्रवाई नहीं कर सकती। इसी बीच जेसीबी मशीन का एक साइड शीशा भी टूट गया जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।
थाना प्रभारी सुनील वत्स ने पुलिस टीम के सहयोग से हालात को संभाला। महिला पुलिसकर्मियों ने महिलाओं को समझाया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। बातचीत के बाद नगरपालिका सचिव ने दुकानों को गिराने के बजाय उन पर नगरपालिका का ताला लगवाकर उन्हें नपा के अधिकार क्षेत्र में ले लिया। थाना प्रभारी सुनील वत्स ने बताया कि पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई है और शुरू में हल्का विरोध किया था।
वहीं लोगों का कहना है कि वे कई वर्षों से यहां रह रहे हैं और दुकानों का निर्माण भी वर्षों पहले किया गया था। उनका आरोप है कि बिना किसी ठोस कारण के उन्हें परेशान किया जा रहा है।