संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (फास्ट ट्रैक स्पेशल अदालत पॉक्सो एक्ट मामले) गुनीत अरोड़ा की अदालत ने बालिका से दुष्कर्म के दोषी सुनील कुमार को 20 साल की सजा सुनाई है। उस पर 16 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
मामले की पैरवी उप न्यायवादी अमन कौशिक ने की। उन्होंने बताया कि हलवार का काम करने वाला सुनील तरावड़ी का निवासी है। 25 जून 2021 को थाना तरावड़ी में आकर पीड़ित की मां ने शिकायत दी थी। शिकायत में बताया गया था कि 24 जून 2021 को दोनों मजदूरी के लिए गए हुए थे। उनकी बच्ची बाथरूम में नहा रही थी। इसी बीच 32 वर्षीय सुनील घर में घुस आया और बेटी से दुष्कर्म किया।
मां घर पहुंची तो बेटी ने वारदात के बारे में जानकारी दी। उन्होंने पुलिस को शिकायत दी। शिकायत के आधार पर तरावड़ी थाना पुलिस ने दोषी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी। पीड़िता का तरावड़ी के सिविल अस्पताल से मेडिकल करवाया गया था। 26 जून को पीड़िता के 164 के बयान दर्ज किए गए। इसके बाद महिला अधिवक्ता और बाल कल्याण समिति के माध्यम से कांउसिलिंग करवाई गई। 8 जनवरी 2022 को आरोपी को गिरफ़्तार कर लिया गया।
उप न्यायवादी अमन कौशिक ने बताया कि बालिका से दुष्कर्म की पुष्टि मेडिकल जांच में हुई। डीएनए मैच हुआ। दोषी सुनील तीन साल 11 माह से जेल में बंद है। केस में 12 गवाही करवाई गई।