पिहोवा। सरस्वती तीर्थ पर सांध्यकालीन महाआरती करते बीज विकास निगम के चेयरमैन देव कुमार शर्मा व अ
पिहोवा। सरस्वती तीर्थ पर सांध्यकालीन महाआरती से वातावरण भक्तिमय हो उठा। महाआरती से ही तीसरे दिन की सांध्यकालीन आरती का आगाज हुआ। सरस्वती तीर्थ की फिजा को शंखों व वाद्य यंत्रों से निकली धुनों ने जहां भक्ति रस से भर दिया। वहीं रंग-बिरंगी रोशनियों ने पूरे सरस्वती तीर्थ को दुधिया रोशनी में नहलाने का काम किया।
हरियाणा बीज विकास निगम के चेयरमैन देव कुमार शर्मा व हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुमन सिंह किरमच ने बुधवार को देर सायं सरस्वती तीर्थ में महाआरती कार्यक्रम का शुभारंभ किया। चेयरमैन ने कहा कि सरस्वती महोत्सव का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है।
चेयरमैन ने कहा कि पिहोवा तीर्थ नगरी के विश्व प्रसिद्ध सरस्वती नदी के तट पर भारतीय शिल्पकला के दर्शन किए जा सकते हैं। यह शिल्पकला सरस्वती महोत्सव में सहजता से देखी जा रही है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड व प्रशासन के तत्वावधान में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वसंत पंचमी को लेकर महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
भजन संध्या के तीसरे दिन प्रसिद्ध कलाकार डॉ. सवरित और उनके साथ कलाकारों ने मां सरस्वती की वंदना पर आधारित प्रस्तुति भजनों से हुई। कलाकारों ने शास्त्रीय और सुगम संगीत के मिश्रण से मंत्रमुग्ध कर दिया। भजन गायक की ओर से भजन संध्या में हे शारदे मां और सरस्वती के जयकारे लगाए और सारा वातावरण भक्ति भाव से सराबोर हो उठा।
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