कुरुक्षेत्र। गेहूं की कटाई का सीजन अपने चरम पर पहुंच चुका है लेकिन दमकल कर्मचारियों की हड़ताल लगातार बढ़ रही है। इस कारण रोडवेज चालकों और होमगार्ड के जवानों को तैनात किया गया है। लेकिन रोडवेज चालक मिट्टी की स्थिति नहीं समझ पाते हैं। इसके कारण दमकल गाड़ी मिट्टी में धंसने की स्थिति बनी रहती है। इसके अलाव होमगार्ड के जवानों को भी आग की गति समझ नहीं आ रही है। इस बीच प्रशासन ने स्थिति से निपटने के लिए होमगार्ड जवानों और रोडवेज चालकों को बुनियादी प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है।
कर्मचारी अपनी मांगों के लिए सोमवार को रोहतक में बैठक करने के बाद अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का फैसला ले सकते हैं। रविवार को जिले में किसी भी जगह से आग की कोई सूचना नहीं आई। हालांकि हड़ताल के कारण दमकल कर्मचारियों की कमी महसूस की जा रही है। घटनास्थल पर पाइप का प्रेशर झेलने और अन्य चुनौतियों से निपटने में प्रशिक्षित होमगार्ड और रोडवेज स्टाफ को लगाया जा रहा है।
प्रशासन ने दमकल विभाग की हड़ताल के प्रभाव को कम करने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कर दी है। होमगार्ड और रोडवेज के चालकों को दमकल वाहनों के संचालन, पाइप हैंडलिंग और बेसिक अग्निशमन तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ताकि आग की किसी भी घटना में त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित की जा सके।
जिले में कुल 104 दमकल कर्मी हैं जिनमें से लगभग 66 कर्मी हड़ताल पर हैं। केवल कुछ ही कर्मी ड्यूटी पर बचे हैं। हड़ताल के कारण शनिवार को तीन स्थानों पर आग लगने की घटनाओं में करीब 21 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई थी। ऐसे में गेहूं सीजन के पीक पर यह हड़ताल किसानों के लिए चिंता का विषय बन गई है।
जिला दमकल अधिकारी संदीप ग्रोवर ने बताया कि हड़ताल के बावजूद आग की घटनाओं से निपटने के लिए पूरी तैयारी है। रोडवेज और होमगार्ड के कर्मियों को तैनात किया गया है। हालांकि प्रशिक्षित दमकल कर्मचारियों की जगह वैकल्पिक व्यवस्था पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सकती।
खासकर गेहूं की पराली जलाने के मौसम में जब आग की घटनाएं बढ़ने की आशंका रहती है। ऐसे में इन कर्मचारियों को बुनियादी प्रशिक्षण दिया गया है और हर रोज उन्हें आग से निपटने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
कुरुक्षेत्र। दमकलकर्मियों को समर्थन देने पहुंचे विधयक अशोक अरोड़ा। संवाद
कुरुक्षेत्र। दमकलकर्मियों को समर्थन देने पहुंचे विधयक अशोक अरोड़ा। संवाद
कुरुक्षेत्र। दमकलकर्मियों को समर्थन देने पहुंचे विधयक अशोक अरोड़ा। संवाद