कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला में रविवार को भाईचारा स्नेह मिलन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु ने कहा कि साल 2016 में जाट आरक्षण के दौरान षड्यंत्र रचे गए लेकिन षड्यंत्रों की परवाह नहीं। हजारों वर्ष के बाद भी अभिमन्यु को इसलिए याद किया जाता है कि षड्यंत्र के बावजूद चक्रव्यूह में फंसकर वह कायर नहीं बल्कि शहीद कहलाए।
उन्होंने कहा कि समाज को चक्रव्यूह की परवाह नहीं करनी चाहिए लेकिन वर्तमान में समाज चक्रव्यूह में जरूर फंसा हुआ है। भाईचारे के अंदर कटुता बढ़ाने के षड्यंत्र किए जा रहे हैं जिसमें समाज को फंसने से बचना है।
उन्होंने कहा कि धर्मक्षेत्र प्रेरणादायक रहा है। जब भी यहां आए, कुछ न कुछ ग्रहण करके गए। सबको समाज में भाईचारे की भावना को प्रगाढ़ करते हुए मिलकर देश को आगे बढ़ाना चाहिए। ऐसी राजनीतिक ताकतें रही हैं, जिन्होंने प्रदेश में भाईचारे और विश्वास को तोड़कर खाई बनाने का काम किया। उसको जाति विरोधी और समाज विरोधी होने के साथ मानवता और देश विरोधी समझा जाना चाहिए।
कैप्टन ने कहा कि सही दिशा दिखाने के लिए नई पीढ़ी को कर्तव्य समझना होगा। नौजवानों को हिंसा के लिए भड़काने वाला व्यक्ति कभी समाज का भला नहीं कर सकता। ऐसी मानसिकता का नेता भी नेतृत्व के योग्य नहीं है।
जाट आरक्षण के दौरान आग लगने के मामलों में 57 युवकों के रिहा होने पर प्रतिनिधियों ने कैप्टन को सम्मानित किया। कैप्टन अभिमन्यु ने सर छोटूराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन करके सबको अच्छे कार्याें के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही कैप्टन ने जाट धर्मशाला सभा कार्यकारिणी की सराहना की।
इस अवसर पर प्रधान डाॅ. कृष्ण श्योकंद, प्रो. गुरमेज संघौर, गुरदयाल कड़ामी, राहुल राणा, तुषार ढांडा, रविंद्र सांगवान, राहुल राणा और गुरनाम मलिक सहित प्रबुद्धजन मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र। जाट धर्मशाला में समारोह के दौरान संबोधित करते पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु।