कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में भगवान श्रीकृष्ण की ओर से दिए गए गीता के संदेश से अब एक साथ दुनिया के 37 देश आत्मसात होंगे। इसके लिए भारतीय विदेश मंत्रालय के जरिए खास प्रदर्शनियां लगाई जाएंगी। जिनमें गीता संदेश के साथ संबंधित देशों की संस्कृति की भी झलक भी दिखाई देगी। नवंबर माह के पहले सप्ताह में कार्यक्रमों का आयोजन किए जाने की तैयारी है। इसके लिए कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड ने खाका तैयार किया है। गीता संदेश के इस कार्यक्रम के साथ कुरुक्षेत्र की भी पहचान बढ़ेगी।
भगवान श्रीकृष्ण ने करीब पांच हजार साल पहले द्वापर युग में मार्गशीर्ष शुक्ल पक्ष की एकादशी को धर्मनगरी कुरुक्षेत्र में गीता का संदेश दिया था। कर्म के इस संदेश को दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए ही वर्ष प्रदेश सरकार ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गीता महोत्सव वर्ष 2016 में पहली बार मॉरिशस में मनाया था। इसके बाद कनाडा, यूके, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में भी यह महोत्सव मनाया जा चुका है। इस बार इसी माह 12 से 15 सितंबर तक इंडोनेशिया में यह आयोजन किया जा रहा है। संवाद
इन देशों में लगेंगी प्रदर्शनियां
यूएसए, बैंकाक, यूके, किर्गीस्तान, मैक्सिको, यूगांडा, जर्मनी, रशिया, चिल्ली, साउथ अफ्रिका, जापान, बंग्लादेश, भूटान, आस्ट्रेलिया, कनाडा, मलेशिया, हांगकांग, फिजी, लिथवानियां, हंगरी, बहरीन, डेनमार्क, पोलैंड, इथोपिया, चाईना, घाना, स्वीटजरलैंड, जांबिया, स्पेन सहित कईं अन्य देश भी शामिल है।
हर कोने में गीता संदेश पहुंचाना ही प्रयास : सीईओ
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के सीईओ पंकज सेतिया का कहना है कि बोर्ड व प्रदेश एवं केंद्र सरकार का उद्देश्य दुनिया के हर कोने तक गीता संदेश पहुंचाना है। इसी प्रयास में ही नौ साल से हर बार एक देश में महोत्सव मनाया जाता है। अब इससे आगे बढ़कर एक साथ व्यापक स्तर पर संदेश देने की योजना है। केंद्रीय विदेश मंत्रालय इसके लिए सभी संबंधित देशों से संपर्क बनाए हुए हैं। संभावना है कि नवंबर माह की शुरूआत में ही कम से कम एक सप्ताह तक यह आयोजन चले।