कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष ने मंत्रोच्चारण और शंखनाद की ध्वनि के बीच सांध्यकालीन महाआरती का शुभारंभ किया, जिसके साथ ही पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा। राज्यपाल ने इस दौरान ब्रह्मसरोवर के सर्वेश्वर महादेव मंदिर परिसर में स्थापित की गई दिव्य गीता ज्योति का भी शुभारंभ किया।
महोत्सव के पहले दिन राज्यपाल ने जहां मंत्रोच्चारण के बीच परंपरा अनुसार महाआरती में भाग लिया और पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन भी किया वहीं महाआरती में षडदर्शन साधू समाज से महंत बंसीपुरी , महेश मुनी, पीठाधीश्वर पंडित सतपाल शर्मा, हरिओम परिवाजक, स्वामी ज्ञानेश्वर दास, लक्ष्मी नारायण पूरी सहित अन्य संतों ने भी भाग लिया और पवित्र ग्रंथ गीता का पूजन किया।
इस कार्यक्रम से पहले केडीबी की तरफ से प्रसिद्घ कलाकारों ने भजनों की प्रस्तुति देकर ब्रह्मसरोवर के वातावरण में भक्ति रस घोल दिया। पंडित बलराम गौतम, सोमनाथ शर्मा, अनिल गौतम, रोहित कौशिक, रुद्र गौतम ने सांध्यकालीन आरती करवाई और मंत्रोच्चारण का जाप किया। राज्यपाल ने कहा कि आरती से पर्यावरण शुद्घ होता है।
यह एक आदि भौतिक, आदि दैविक एवं आध्यात्मिक दृष्टि के साथ-साथ सामाजिक, सांस्कृतिक तथा वैज्ञानिक दृष्टि से भी एक सिद्घ समग्र एवं समन्वित उपक्रम है। अंत में केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल व सीईओ केडीबी पंकज सेतिया ने राज्यपाल व उनकी धर्मपत्नी को सम्मानि किया। संवाद