कुरुक्षेत्र। कार्यशाला में भाग लेने वाली छात्राएं एवं प्राध्यापिकाएं। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। सेठ नवरंग राय लोहिया जयराम कन्या महाविद्यालय में पांच दिवसीय मूर्तिकला कार्यशाला का समापन शुक्रवार को हुआ। फाइन आर्ट्स विभाग कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला में प्रतिभागियों को अनुपयोगी वस्तुओं से आकर्षक व उपयोगी मूर्तियां एवं कलाकृतियां बनाने का प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यशाला का उद्घाटन प्राचार्या डाॅ. सुदेश रावल ने किया। समापन अवसर पर डाॅ. रावल ने कहा कि आज के समय में कचरे को कम करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए बेस्ट ऑफ वेस्ट की कला अत्यंत उपयोगी है। यह न केवल सृजनात्मकता को बढ़ाती है बल्कि बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी उत्पन्न करती है। पांच दिनों तक चली इस कार्यशाला में छात्राओं ने टूटी कुर्सियों, प्लास्टिक के पेंट के डिब्बों, कार्डबोर्ड, बोतल, टूटी ईंटों, पत्थरों, धातु, अखबार, लकड़ी आदि से सुंदर मूर्तियां बनाने की तकनीक सीखी। छात्राओं ने गुरु शिष्य, मां का स्वरूप, शक्ति का प्रतीक बैल आदि की सुंदर मूर्तियां बनाईं। पुराने टायरों से एक कलात्मक दीवार का भी निर्माण किया। प्रबंधन समिति, प्राचार्या एवं सभी प्राध्यापिकाओं ने प्रतिभागियों की रचनात्मकता की सराहना की।