कुरुक्षेत्र। श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के शालाक्य तंत्र विभाग की ओर से सीएमई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसके पांचवें दिन शुक्रवार को आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने आंख की संरचना (पटल), केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएस) नई दिल्ली की रिसर्च ऑफिसर डॉ. बबीता यादव ने रिसर्च डिजाइनिंग और हिमाचल के वैद्य जेएस भंडारी ने कान, नाक और गले के रोगों की पहचान और चिकित्सा पर व्याख्यान दिया।
पहले सत्र में कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने शालाक्य तंत्र में आंखों की संरचना और उनके महत्व को समझाते हुए छात्रों को बारीकियों से अवगत कराया। दूसरे सत्र में केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (सीसीआरएस) नई दिल्ली की रिसर्च ऑफिसर डॉ. बबीता यादव ने शालाक्य तंत्र के क्षेत्र में रिसर्च डिजाइनिंग पर मार्गदर्शन दिया। रिसर्च स्कॉलर्स और छात्रों के लिए उपलब्ध फंडिंग स्कीम की जानकारी भी दी।
तीसरे सत्र में हिमाचल प्रदेश से आए वैद्य जेएस भंडारी ने कान, नाक और गले (ईएनटी) रोगों की पहचान और चिकित्सा पर व्याख्यान दिया। उन्होंने प्रतिभागियों को समझाया कि किस प्रकार इंडोस्कोप से ईएनटी रोगों की जांच की जा सकती है। इन रोगों के उपचार की विस्तृत जानकारी भी दी। इस मौके पर आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष कुमार मेहता, शालाक्य तंत्र विभाग की चेयरपर्सन प्रो. आशु, प्रो. मनोज कुमार तंवर, प्रो. रविराज और डॉ. सुधीर मलिक सहित अन्य प्रतिभागी मौजूद रहे।