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Kurukshetra News: पिता का गला काट मां के सिर में मारी थी चोट

Tue, 10 Dec 2024 02:46 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। यारा गांव में नैब सिंह के परिवार की एक साथ चिताएं जली तो सबकी आंखें नम हो गई। आसपास के कई गांव के लोग भी उनको अंतिम विदाई देने पहुंचे। इस दौरान गांव के सभी लोगों ने परिवार की आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की। शाहाबाद कोर्ट के दोनों जज और विधायक रामकरण काला भी अंतिम संस्कार में शामिल हुए।
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उधर, हर किसी जुबां पर एक ही बात थी कि आखिर काले (दुष्यंत का नाम) ने इतना बड़ा कांड कैसे कर दिया। नैब सिंह का कुनबा भी एक ही बात कह रहा था कि सिर्फ एक बार काले ने उनसे जिक्र किया होता तो वे अपने परिवार को बचा लेते। ग्रामीणों के मुताबिक चार दिन पहले ही पूरा कुनबा अंबाला में भांजी के भात में एकत्रित हुआ था। उस समय तक किसी को पता तक नहीं था कि दुष्यंत पैसे के लेनदेन को लेकर परेशान चल रहा है।
वहीं धर्मबीर ने अपने भाई नैब सिंह व भाभी अमृत कौर और चचेरे भाई साहिल ने भाभी दुष्यंत व भाभी अमनप्रीत की चिता को मुखाग्नि दी। इससे पहले पुलिस ने दो चिकित्सकों के पैनल से चारों शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम के बाद शव जैसे ही गांव पहुंचे तो परिजनों और रिश्तेदारों में चीख-पुकार मच गई। इंग्लैंड से सुबह पहुंची नैब सिंह की बेटी सोनम गांव पहुंची तो उसे अपने परिवार के चले जाने पर यकीन तक नहीं हुआ।
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पिता का गला काटा तो मां के सिर में मारी चोट ः फॉरेंसिक विशेषज्ञ डॉ. गौरव ने बताया कि नैब सिंह के गले पर निशान थे। किसी तेजधार हथियार से उसका गला काटा गया था, जबकि अमृतकौर के सिर पर गहरी चोट थी। किसी वजनदार चीज से सिर पर हमला किया था। अमनप्रीत कौर को कोई जहरीला पदार्थ दिया था, जबकि दुष्यंत ने सल्फास निगलकर आत्महत्या की थी। पोस्टमार्टम के समय चारों की मौत को 24-36 घंटे बीत चुके थे। इन सभी की मौत सुबह सात और आठ बजे के बीच हुई होगी। नैब का इकलौता वंश बचा ः घटना में बचे नैब सिंह के पोते केशव का अस्पताल में उपचार चल रहा है। केशव को मामले की कोई जानकारी नहीं दी गई है। पूरा कुनबा केशव के सही सलामत घर पहुंचने की प्रार्थना कर रहा है। सबको विश्वास है कि केशव से नैब सिंह का वंश चलता रहेगा। नैब सिंह का इकलौता बेटा दुष्यंत था। आगे दुष्यंत के पास भी एक ही बेटा केशव है।
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