कुरुक्षेत्र। जनगणना करने के लिए पहुंची शिक्षिका। स्वयं
कुरुक्षेत्र। जनगणना का काम कर रहे कर्मचारियों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अब कर्मचारी सर्पाकार तरीके से घरों की मैपिंग के नजरी नक्शे में ऐसे उलझे हैं कि तीन दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक नंबरिंग का काम पूरा नहीं हो पाया है। कर्मचारियों के लिए एक-एक घर को ढूंढ पाना मुश्किल होता जा रहा है। वहीं विभाग की ओर से मिली मैप किट के बाद तीन दिन के भीतर अपना अलग से मैप बनाना था लेकिन वह काम भी काफी कर्मचारियों का पूरा नहीं हो पाया है।
इसमें सबसे ज्यादा परेशानी महिला कर्मचारियों को हो रही है। कई महिला कर्मचारियों की ड्यूटी उनके स्कूल से 30 किलोमीटर की दूरी तक लगाई गई है। कई महिला कर्मचारियों का कहना है कि सर्पाकार मैपिंग काफी परेशान करने वाली है। इसमें एक घर एक गली में है तो दूसरा वहां से दूसरी गली में जिससे घर ढूंढने में परेशानी आ रही है। साथ ही दोपहर के समय लोगों का घरों से बाहर न निकलना अलग से समस्या बना हुआ है।
नजरी नक्शे के लिए शिक्षक व कर्मचारी पांच दिन से गांव और शहरों में घूम-घूमकर खाका तैयार कर रहे हैं। इसमें किस घर के आगे कच्ची गली है, कितने मकान हैं, किस इलाके में लोग रह रहे हैं आदि जानकारी शामिल की जा रही है। इससे इस नक्शे को सुपरवाइजर के पास जमा करवाने में भी देरी हो रही है।
मैपिंग के बाद ही शुरू होगी जनगणना : शिक्षिका नीलम ने बताया कि जैसे ही सर्पाकार मैपिंग का काम खत्म होकर घरों को नंबरिंग मिल जाएगी, उसके तुरंत बाद एप के माध्यम से जनगणना का काम शुरू किया जाएगा। इसमें 34 सवाल पूछे जाएंगे। अगर मकान किराये पर है और उसको नंबरिंग मिली हुई है तो वहां दो बार जनगणना होगी। पहली घर के मालिकों की और दूसरी किराएदारों की।
कुरुक्षेत्र। जनगणना करने के लिए पहुंची शिक्षिका। स्वयं
कुरुक्षेत्र। जनगणना करने के लिए पहुंची शिक्षिका। स्वयं