कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी की वर्षों पुरानी मांग अगले एक सप्ताह उपरांत पूरी होने की संभावना है। करीब 350 करोड़ रुपये की लागत से एलिवेटेड रेलवे ट्रैक व शहर का स्टेशन तैयार हो चुका है। अंतिम चरण की रंगाई-पुताई तक का कार्य अंतिम चरण में है। आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित शहर के स्टेशन पर अब मेट्रो स्टेशन जैसा आभास होगा। संभावना जताई जा रही है कि अगले एक सप्ताह तक ही इस पर ट्रेनें दौड़नें लगेंगी।
इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किया जाना है, जिसके चलते यह भी चर्चा है कि प्रधानमंत्री 17 जुलाई को जींद आगमन के दौरान यह सौगात धर्मनगरी को दे सकते हैं। वहीं रेलवे अधिकारियों की मानें तो प्रधानमंत्री दिल्ली से ही ऑनलाइन मोड से जींद कार्यक्रम से पहले ही उद्घाटन कर सकते हैं। स्टेशन परिसर में पेंटिंग, पेवर ब्लॉक, बैठने के लिए कुर्सियां, सूचना बोर्ड और अन्य जरूरी सुविधाएं भी लगभग पूरी हो चुकी हैं। अंतिम स्तर पर साफ-सफाई और तकनीकी परीक्षण का कार्य चल रहा है। इस परियोजना के शुरू होने के बाद शहर के पांच प्रमुख रेलवे फाटकों पर लगने वाले लंबे जाम से लोगों को राहत मिलेगी। फाटक बंद होने से रोजाना हजारों वाहन चालकों को इंतजार करना पड़ता था। एलिवेटेड ट्रैक शुरू होने के बाद सड़क और रेल यातायात दोनों पहले की तुलना में अधिक सुगम होने की उम्मीद है।
9 को होगा ट्रॉयल : सुधा
पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा का कहना है कि हरियाणा रेल अवसंरचना विकास निगम (एचआईआरडीसी) की ओर से थानेसर के पुराने स्टेशन की जगह पर एलिवेटेड ट्रैक के नीचे नया स्टेशन भी तैयार कर लिया है। इस स्टेशन के ऊपर 600 मीटर लंबा प्लेटफॉर्म तैयार किया गया है। करीब छह किलोमीटर लंबा ट्रैक है। इसका ट्रायल नौ जुलाई को किया जाना है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मेादी इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे लेकिन अभी तारीख तय नहीं है। इस एलिवेटेड रेलवे ट्रैक तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल का ड्रीम प्रोजेक्ट है और उन्होंने ही इसके निर्माण कार्य का शुभारंभ किया था।
कुरुक्षेत्र। स्टेशन पर धूप व बारिश से बचने के लिए इस तरह की नाई गई झोपड़ी। संवाद
कुरुक्षेत्र। स्टेशन पर धूप व बारिश से बचने के लिए इस तरह की नाई गई झोपड़ी। संवाद
कुरुक्षेत्र। स्टेशन पर धूप व बारिश से बचने के लिए इस तरह की नाई गई झोपड़ी। संवाद
कुरुक्षेत्र। स्टेशन पर धूप व बारिश से बचने के लिए इस तरह की नाई गई झोपड़ी। संवाद
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कुरुक्षेत्र। स्टेशन पर धूप व बारिश से बचने के लिए इस तरह की नाई गई झोपड़ी। संवाद
कुरुक्षेत्र। स्टेशन पर धूप व बारिश से बचने के लिए इस तरह की नाई गई झोपड़ी। संवाद