कुरुक्षेत्र। जिला में मलेरिया का एक पॉजिटिव केस सामने आया है, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है। छह जुलाई को देवीदासपुरा निवासी एक व्यक्ति की जांच में मलेरिया पीवी पॉजिटिव पाया गया। मरीज पॉलीक्लीनिक सेक्टर-चार में जांच करवाने पहुंचा था, जहां लक्षणों के आधार पर रक्त पटिका बनाई गई थी। इसके बाद स्वास्थ्य टीम ने मरीज की कालोनी में पहुंचकर आस-पास के लोगों की जांच की तो सभी की रिपोर्ट निगेटिव पाई गई। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग ने पूरे देवीदासपुरा में स्प्रे, सोर्स रिडक्शन गतिविधियां व बुखार के पीड़ित लोगों की जांच शुरू कर दी है।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीज के घर के आसपास देवीदासपुरा क्षेत्र में आसपास के लोगों की रक्त पटिकाएं बनवाई, जिनकी जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है। उन्होंने बताया कि मरीज को तुरंत मलेरिया का उपचार दिया गया, लेकिन उसी दिन वह अपने स्थायी निवास उन्नाव उत्तर प्रदेश चला गया। मामले की सूचना उन्नाव के जिला मलेरिया अधिकारी को भी दे दी गई है, ताकि मरीज की निगरानी और उपचार का फॉलोअप किया जा सके। मामले की सूचना राज्य मुख्यालय को भी भेजी गई है। विभाग के अनुसार मंगलवार को जोनल एंटोमोलॉजिकल टीम कुरुक्षेत्र पहुंचेगी और देवीदासपुरा क्षेत्र में मच्छरों की डेनसिटी की जांच कर रिपोर्ट तैयार करेगी।
डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि मलेरिया और डेंगू सीजन को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार डोर-टू-डोर अभियान चला रही हैं। घरों में कूलर, गमले, टंकियों और अन्य स्थानों पर जमा पानी में लारवा की जांच कर उसे नष्ट किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि सप्ताह में एक दिन अपने घरों और आसपास पानी जमा होने वाले स्थानों की सफाई करें। जहां पानी खाली करना संभव न हो, वहां तेल डालें ताकि मच्छरों का प्रजनन रोका जा सके।
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. प्रदीप का कहना है कि पोलीक्लिनिक में उन्नाव के रहने वाला मरीज पहुंचा था। उसे बुखार था तो मलेरिया की भी जांच की गई। लक्षण मिलने पर उपचार शुरू किया गया। उपचार पूरा करने से पहले वह अपने मूल क्षेत्र चला गया, जहां के मलेरिया अधिकारी को भी सूचित किया जा चुका है।