कुरुक्षेत्र। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण (एमएसीटी) के पीठासीन अधिकारी महावीर सिंह ने सड़क दुर्घटना में घायल नाबालिग वंशिका को 2.50 लाख रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह अवार्ड बीमा कंपनी और दावा पक्ष के बीच हुए समझौते के आधार पर पारित किया गया। याचिका वंशिका की ओर से उसके पिता व प्राकृतिक संरक्षक नरेश कुमार ने मोटर वाहन अधिनियम की धारा 164 के तहत दायर की थी। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अदालत को बताया कि मामले का आपसी समझौता हो गया है। इसके बाद अधिकरण ने 2.50 लाख रुपये की राशि पूर्ण व अंतिम निपटारे के रूप में देने का आदेश दिया।
अधिकरण ने निर्देश दिए कि बीमा कंपनी दो माह के भीतर मुआवजा राशि का भुगतान करे। निर्धारित अवधि में भुगतान नहीं होने पर याचिका दायर करने की तिथि से राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देना होगा। चूंकि वंशिका नाबालिग है, इसलिए पूरी मुआवजा राशि उसके बालिग होने तक अथवा तीन वर्ष, जो भी अवधि अधिक हो, सावधि जमा (एफडीआर) में रखी जाएगी। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस एफडीआर के विरुद्ध किसी प्रकार का ऋण या अग्रिम राशि नहीं दी जाएगी।