शाहाबाद। नगर पालिका में एनडीसी पर विवाद थमने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। बुधवार को भी एनडीसी संबंधी शिकायतें लेकर बड़ी संख्या में लोग नगर पालिका पहुंचे जहां अधिकारियों और आवेदकों के बीच जमकर नोकझोंक हुई।
लोगों ने आरोप लगाए कि एसडीएम की ओर से ऑनलाइन जारी की गई एनडीसी को नगर पालिका में दोबारा फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए अनिवार्य कर दिया गया है जबकि ऑनलाइन दस्तावेज पर स्पष्ट रूप से नो सिग्नेचर रिक्वायर्ड लिखा होता है। जनता ने आरोप लगाया कि नगर पालिका के कई अधिकारी नियमित रूप से ड्यूटी पर नहीं आते, कभी एमई छुट्टी पर तो कभी जेई नदारद। परेशान लोगों ने तंज कसा कि अगर यही हाल रहने हैं तो नगर पालिका पर ताला ही जड़ दिया जाए।
नगर पालिका प्रधान गुलशन कवातरा ने भी अधिकारियों के कामकाज पर नाराजगी जताई और कहा कि जनता रोज परेशान हो रही है। चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो वे खुद जनता के साथ धरने पर बैठेंगे। इस दौरान पार्षद निशा ठकराल, ईशु सचदेवा, प्रदीप सपड़ा, मनीष बतरा, शोभित, संजय चुघ, पीयूष, अनीता, जितेंद्र सिंह, सतीश कुमार, विकास शर्मा, राजू सेठी, सुंदर पाल सिंह, रमन आनंद बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
एसडीएम कार्यालय से मिले आदेश : सचिव
नपा सचिव बंबूल मलिक ने बताया कि ऑनलाइन एनडीसी को पुनः सत्यापित करने का निर्देश एसडीएम कार्यालय से आया है, इस पर हम कुछ नहीं कर सकते। उन्होंने माना कि एमई के पास एडिशनल चार्ज होने के चलते वे सप्ताह में केवल दो दिन ही ड्यूटी पर आते हैं।
दिए गए हैं आदेश : एसडीएम
एसडीएम चिनार चहल ने कहा कि मुझे शिकायतें मिली हैं कि एक ही आईडी पर कई नाम हैं और रजिस्ट्री के तुरंत बाद प्लॉट की अप्रूवल बदल दी जाती है। इसलिए उन्होंने ऑनलाइन जारी की गई एनडीसी को नगर पालिका में दोबारा फिजिकल वेरिफिकेशन के लिए अनिवार्य के आदेश जारी किए गए हैं।