कुरुक्षेत्र। जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाते हुए शिकायतकर्ता रेखा शर्मा के पक्ष में आदेश जारी किया है। आयोग ने बीमा कंपनी को 36 लाख 15 हजार रुपये की बीमित राशि पर छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज अदा करने का आदेश दिया है साथ ही कंपनी को 11 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी देना होगा।
मामले के अनुसार थानेसर के रामनगर निवासी स्वर्गीय लक्ष्मी कांत ने दिसंबर 2019 में पीएनबी बैंक से करीब 11.15 लाख रुपये का होम लोन और 25.20 लाख रुपये का लिमिट अकाउंट लिया था। बैंक के कहने पर उन्होंने दोनों ऋणों का बीमा पीएनबी मेटलाइफ इंडिया इंश्योरेंस कंपनी से कराया था इसके लिए उनके खाते से प्रीमियम राशि भी काटी गई थी। बीमा पॉलिसी जारी होने के कुछ दिन बाद चार जनवरी 2020 को लक्ष्मी कांत का निधन हो गया। उनकी पत्नी रेखा शर्मा ने बीमा दावा प्रस्तुत किया लेकिन कंपनी ने इसे 30 दिन की वेटिंग पीरियड अवधि का हवाला देकर खारिज कर दिया।
इसके बाद शिकायतकर्ता ने स्थायी लोक अदालत और इंश्योरेंस लोकपाल का दरवाजा खटखटाया। फरवरी 2025 में लोकपाल ने बीमा कंपनी को बीमित राशि जारी करने का आदेश दिया, जिसके बाद कंपनी ने 36.15 लाख रुपये का भुगतान कर दिया लेकिन ब्याज राशि नहीं दी।
ब्याज की मांग को लेकर दायर शिकायत पर सुनवाई करते हुए आयोग की अध्यक्ष डॉ. नीलिमा शांगला तथा सदस्य नीलम और रमेश कुमार की पीठ ने कहा कि आईआरडीएआई नियमों के अनुसार शिकायतकर्ता ब्याज पाने की हकदार है। आयोग ने 20 फरवरी 2020 से वास्तविक भुगतान तिथि तक छह प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने के आदेश दिए हैं, साथ ही कंपनी को 45 दिनों के भीतर आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं।