लाडवा। जानकारी देते आश्रम संचालक शीशपाल मंढाण व अन्य कर्मी। संवाद
लाडवा। जीवन में विश्वास संस्था बाल अनाथ आश्रम बाल कुंज लाडवा को दो वर्षों से सरकारी अनुदान नहीं मिल रहा। इससे आश्रम न बिजली बिल चुका पाया और न ही अन्य खर्च कर पा रहा। बिल न भरे जाने पर निगम ने आश्रम का बिजली कनेक्शन काट दिया।
पिछले 48 घंटे से यहां बच्चों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और आश्रम संचालकों के समक्ष भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। आश्रम संचालक सरकारी अनुदान की मांग पर कुरुक्षेत्र व चंडीगढ़ में अधिकारियों के चक्कर लगाते रहे हैं लेकिन कोई समाधान नहीं मिल पाया है।
आश्रम संस्थापक शीशपाल मंढाण ने बताया कि चार महीने पहले भी सरकारी अनुदान न मिलने और आश्रम की समस्याओं के लिए आश्रम के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया था। जिला कार्यक्रम अधिकारी बलजीत कौर के आश्वासन के बाद अनशन खत्म कर दिया गया था। उन्होंने बताया कि चार महीने बीत जाने के बाद भी न तो उनकी सरकारी ग्रांट आई है और न ही प्रशासन की ओर से अन्य समस्याओं का समाधान किया गया है।
संचालक शीशपाल मंढाण ने बताया कि आश्रम में 20 बेसहारा अनाथ बच्चे रह रहे हैं जो लाडवा व आसपास रहने वाले दानी सज्जनों के भरोसे अपना पेट भर रहे हैं। बिजली निगम के एसडीओ अभिषेक कुमार का कहना है कि पिछले लगभग डेढ़ साल से आश्रम की ओर से बिजली का बिल नहीं भरा गया था। इसी वजह से कनेक्शन काटा गया।
आज से शुरू होगा अनशन
शीशपाल मंढाण के मुताबिक अधिकारियों से आश्वासन के अलावा कोई समाधान नहीं मिल रहा है। अब उनके पास अनशन के अलावा कोई चारा नहीं है। वीरवार सुबह नौ बजे से उनका अनशन अनवरत जारी रहेगा।