कुरुक्षेत्र। राजस्थान परिवहन निगम की बस में हरियाणा पुलिस की महिला कर्मी की टिकट न लेने का मामला अब तूल पकड़ने लगा है, जिसके चलते अब रोडवेज यूनियनों में भी रोष देखा जाने लगा है। इस मामले को लेकर ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन की बैठक रविवार को नए बस अड्डे स्थित यूनियन कार्यालय में हुई, जिसमें रोडवेज यूनियन के पदाधिकारियों ने राजस्थान पुलिस द्वारा हरियाणा रोडवेज की चार बसों को इंपाउंड किए जाने का विरोध जताया और जल्द चक्का जाम करने की चेतावनी तक दी।
ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के राज्य प्रधान मायाराम उनियाल ने कहा कि चार दिन पहले राजस्थान परिवहन निगम की बस में हरियाणा पुलिस की महिला कर्मी की टिकट न लेने पर परिचालक से नोकझोंक हुई थी, इस मामले को लेकर परिचालक ने वीडियो भी बनाई थी। इसको लेकर अगले दिन राजस्थान परिवहन निगम की बसों के दिल्ली और हरियाणा में पुलिस द्वारा चालान काटे गए। इसकी जानकारी जब राजस्थान प्रशासन को लगी तो राजस्थान पुलिस ने भी बदले की भावना से हरियाणा रोडवेज की सभी बसों के चालान काटने शुरू कर दिए। इसके चलते जयपुर में चार बसें इंपाउंड कर दी गई है। इन बसों में दो नारनौल, एक नूंह और एक गुरुग्राम की शामिल है।
इन चार बसों का इंपाउंड होना चिंता का विषय बना हुआ है, क्योंकि पुलिस स्टाफ अन्य राज्यों की बसों में मान्य नहीं है। ऐसे में दोनों विभाग एक दूसरे का सहयोग करते हैं, मगर कुछ कर्मचारियों की गलती का भुगतान बेकसूर चालकों को करना पड़ रहा है। राजस्थान पुलिस द्वारा आठ बच्चे बस में ज्यादा होने पर चालान किया गया है जो कि सही नहीं है। इसलिए यूनियन इन बसों के इंपाउंड का विरोध करती है और परिवहन मंत्री अनिल विज से अनुरोध करती है कि जल्द से इन बसों को छुड़ाया जाए। पुलिस और परिवहन विभाग जनता की सेवा के लिए बना है दोनों विभागों को परस्पर एक दूसरे का सहयोग करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अगर हरियाणा रोडवेज के कर्मचारियों के प्रति बदले की भावना नहीं रुकी तो यूनियन आपातकालीन बैठक कर जल्द फैसला लेगी और इसके लिए चक्का जाम करने के लिए भी तैयार रहेंगी। इस मौके पर महासचिव बलदेव सिंह मामू माजरा, कोषाध्यक्ष रघुवीर पंजाबी, उप महासचिव जोगेंद्र ढुल, उप प्रधान सुनील निंबरैन, प्रदेश प्रेस प्रवक्ता रंजीत करोड़ा सहित अन्य मौजूद रहे।