कुरुक्षेत्र। दयानंद महिला महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई की ओर से यूथ फॉर माई भारत एंड डिजिटल लिटरेसी विषय पर आयोजित सात दिवसीय शिविर का मंगलवार को समापन हुआ।
स्वयंसेविका भावना ने सभी स्वयंसेविकाओं को प्राणायाम व योगाभ्यास करवाकर शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के महत्व से अवगत कराया। इसी क्रम में डॉ. सुमन राजन ने भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर विचार साझा किए और बताया कि यह परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं बल्कि शिक्षा, विज्ञान, चिकित्सा, दर्शन, गणित व नैतिक मूल्यों में आज भी मार्गदर्शक भूमिका निभा रही है।
महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या अंजू चावला सहित परामर्श समिति के सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम अधिकारी सिमरन ने अतिथियों का औपचारिक स्वागत और परिचय प्रस्तुत किया। अंजू चावला ने स्वयंसेविकाओं को एनएसएस के मूल मंत्र को जीवन में आत्मसात करते हुए पूरे जोश, जुनून और जज्बे के साथ समाज सेवा में निरंतर सक्रिय रहने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सीमा सिंह ने बताया कि शिविर के दौरान स्वयंसेविकाओं को योग, स्वच्छता अभियान, सामाजिक जागरूकता, श्रमदान, सांस्कृतिक गतिविधियां, स्वास्थ्य व आत्मरक्षा कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता निभाई गई, जो युवा पीढ़ी की सामाजिक जिम्मेदारी को दर्शाती है। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में अनुशासन, एकजुटता व राष्ट्रप्रेम की भावना स्पष्ट रूप से झलकी।
अंत में सभी स्वयंसेविकाओं को प्रमाणपत्र वितरित किए गए और उत्कृष्ट प्रदर्शनी समूहों व आयोजन समिति की सदस्याओं को सम्मानित किया गया।