कुरुक्षेत्र। हरियाणा कला परिषद की ओर से प्रत्येक सप्ताह कला कीर्ति भवन में सांस्कृतिक संध्या में कत्थक और भरतनाट्यम की जुगलबंदी देखने को मिली। दिल्ली से आए कलाकार शांतनु चक्रवर्ती ने भरतनाट्यम और पूनम नेगी ने कत्थक नृत्य से सभी का मन मोहा। वरिष्ठ रंगकर्मी एवं कला सृष्टि मंच के संस्थापक बृजकिशोर शर्मा बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे।
मंच पर एक ओर जहां भरतनाट्यम वेशभूषा में कलाकार भरतनाट्यम प्रस्तुत कर रहे थे, वहीं मंच के दूसरे हिस्से में लखनऊ घराना से संबंध रखने वाली पूनम नेगी और उनकी टीम कत्थक नृत्य से सभी को आनंदित कर रही थी। एक के बाद एक बेहतरीन प्रस्तुति ने दर्शकों को बांधे रखा।
भगवान राम, कृष्ण, शंकर आदि की आराधना करते हुए कलाकारों ने अलग-अलग समय में अलग-अलग दृश्यों को अपने नृत्य के माध्यम से प्रस्तुत किया।
चेहरे की भाव भंगिमाएं, हाथों की मुद्राएं और पैरों की थिरकन की जुगलबंदी दर्शकों को रोमांचित कर रही थी। लगभग एक घंटे की अवधि के कार्यक्रम में कलाकारों ने सभी का मन मोहा। प्रस्तुति देने वाले कलाकारों में शांतनु चक्रवर्ती, पूनम नेगी, हर्ष, नीरज बिष्ट, प्रार्ची, तमन्ना तथा तन्मया ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
अंत में मुख्य अतिथि बृज शर्मा ने कलाकारों को सम्मानित करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति विश्व में अनूठी संस्कृति हैं। भारतीय कलाकार अपनी प्रतिभा तथा मेहनत के माध्यम से भारतीय संस्कृति को जिंदा रखे हुए हैं। शास्त्रीय नृत्य जहां आध्यात्मिक अनुभूति देता है, वहीं युवा वर्ग को भारतीय संस्कृति की झलक भी दिखाता है।
कुरुक्षेत्र। कार्यक्रम में कत्थक-भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति देती कलाकार। विज्ञप्ति
कुरुक्षेत्र। कार्यक्रम में कत्थक-भरतनाट्यम नृत्य की प्रस्तुति देती कलाकार। विज्ञप्ति