कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) कुरुक्षेत्र के वास्तुकला एवं योजना विभाग के तत्वावधान में अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन सस्टेनेबल प्लानिंग, आर्किटेक्चर एंड सिविल इंजीनियरिंग (स्पेस) का आयोजन किया गया। तीन दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश के शिक्षाविद, शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, योजनाकार, वास्तुकार, इंजीनियर और नीति-निर्माता ऑनलाइन और ऑफलाइन के माध्यम से अपने विचार साझा कर रहे हैं।
सम्मेलन अध्यक्ष एवं वास्तुकला एवं योजना विभागाध्यक्ष प्रो. एचके शर्मा ने बताया कि सम्मेलन का उद्देश्य अवसंरचना प्रणालियों के पूरे जीवन-चक्र, डिजाइन, निर्माण, संचालन और निष्पादन में स्थिरता को बढ़ावा देने वाली नवीन अवधारणाओं, ढांचों और तकनीकों पर विचार-विमर्श करना है। यह सम्मेलन तेजी से बदलते शहरी परिदृश्य में संतुलित विकास का मार्ग प्रशस्त करेगा, इसके प्रमुख विषयों में सतत और हरित वास्तुकला, शहरी एवं क्षेत्रीय योजना, स्मार्ट और रेजिलिएंट अवसंरचना, ऊर्जा दक्ष निर्माण तकनीकें, परिवहन प्रणाली, जल एवं अपशिष्ट प्रबंधन तथा एआई, मशीन लर्निंग, आईओटी, जीआईएस और डेटा एनालिटिक्स जैसे उन्नत डिजिटल टूल्स का उपयोग शामिल है। ये विषय आर्थिक विकास, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समानता के बीच संतुलन बनाने में सहायक सिद्ध होंगे।
सम्मेलन सचिव डॉ. जितेंद्र सिंह यादव और डॉ. पंकज मुंजाल ने बताया कि तीन दिनों में 20 से अधिक समानांतर तकनीकी सत्रों के दौरान 120 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जा रहे हैं, इनमें ऊर्जा दक्ष भवन डिजाइन, हरित सामग्री, विरासत संरक्षण, किफायती आवास, स्मार्ट परिवहन, उन्नत निर्माण सामग्री और एआई आधारित शहरी योजना जैसे विषय शामिल हैं।उद्घाटन समारोह में प्रो. वी. के. पॉल, निदेशक, स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर, नई दिल्ली ने सम्मेलन का उद्घाटन किया, जबकि प्रो. एस. एन. सचदेवा विशिष्ट अतिथि रहे। सम्मेलन से प्राप्त निष्कर्ष भविष्य की टिकाऊ और स्मार्ट अवसंरचना के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।