कुरुक्षेत्र। राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) के मौजूदा हालात के बीच अगले हफ्ते असेसमेंट कमेटी की टीम एनआईटी में पहुंचेगी। शिक्षा मंत्रालय की ओर गठित यह तीन सदस्यीय कमेटी फिर से कई फाइलों की जांच करने के लिए आएगी। इस दौरान टीम एक बार फिर नॉन टीचिंग और शिक्षकों से बात करेगी, साथ ही कई अन्य फाइलों की जांच भी करेगी।
एनआईटी में इससे पहले सात अप्रैल को टीम ने बंद कमरे में लगभग 30 लोगों से 10 घंटे तक गहन पूछताछ की थी। इनमें सभी डीन, 12 विभागाध्यक्ष, संस्थान के सभी संगठनों के अध्यक्ष व विद्यार्थी शामिल किए गए थे, हालांकि इस बार विद्यार्थी शामिल नहीं होंगे क्योंकि एनआईटी प्रशासन के द्वारा अगले आदेश तक हॉस्टल बंद कर दिए हैं। साथ ही छात्रों को घर जाने के आदेश दे दिए।
इस बार टीम पूर्व निदेशक की कार्यशैली से लेकर उन पर लगाए गए आरोपों के बारे में दोबारा जांच करेगी। इस टीम में प्रो अनिल सहस्रबुद्धे, एम मदन गोपाल, केके शुक्ला शामिल रहेंगे।
निदेशक की छीनी थी शक्तियां
केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने बीते 28 मार्च को पत्र जारी करते हुए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान कुरुक्षेत्र के निदेशक रहे प्रोफेसर बीवी रमना रेड्डी के प्रशासनिक और वित्तीय अधिकारों पर तुरंत प्रभाव से रोक लगा दी थी। जिसके बाद प्रो ब्रह्मजीत को अतिरिक्त प्रभार दिया गया था वहीं प्रो विनोद मित्तल को रजिस्ट्रार बनाया गया था।
पिछले दौरे पर भी मंगवाई थीं कुछ फाइलें
सात अप्रैल को आई टीम ने भी उस समय कुछ फाइलें मंगवाई थीं, जिसकी गहन जांच की थी। जानकारी मिली है कि इस बार भी कई और अन्य फाइलों की जांच करने के लिए टीम दौरा करने वाली है। इसके अलावा पदोन्नति और नियुक्तियों को लेकर भी पूर्व निदेशक से सवाल-जवाब किए थे।