कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी में दिवाली पर्व पर मंगलवार देर रात तक जमकर आतिशबाजी हुई और बुधवार को भी दिन भर पटाखे फोड़े जाते रहे।
इसके चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक देर रात करीब साढ़े आठ बजे 259 दर्ज किया गया। इससे लोगों की आंखें जलन करती रहीं और बच्चों व दमा के मरीजों को सांस लेने में तकलीफ महसूस हुई। दिवाली के दिन धर्मनगरी में जमकर पटाखे फोड़े गए जिसके चलते वायु गुणवत्ता सूचकांक 230 तक पहुंच गया था लेकिन अगले दिन बुधवार को यह 259 तक दर्ज किया गया। वहीं देर रात तक भी आतिशबाजी की जाती रही।
हालांकि इस बार पराली जलाने के मामले बेहद कम रहे हैं और दिवाली पर्व के दौरान कोई मामला सामने नहीं आया लेकिन पटाखों की गूंज के साथ वायु प्रदूषण जमकर हुआ।
पर्व पर चार करोड़ से अधिक के पटाखे फोड़े गए। भले ही प्रशासन ने रात आठ से 10 बजे तक दो घंटे के लिए ग्रीन पटाखे फोड़े जाने की अनुमति दी थी और ग्रीन पटाखे ही तय स्थान पर बेचे जाने के लिए दिशा-निर्देश व हिदायतें जारी की गई थीं।
इन्हें पूरी तरह से दरकिनार कर दिया गया। शहर के हर कोने व बाजार में धड़ल्ले से हर प्रकार के पटाखे बेचे गए और वहीं लोगों ने भी जमकर खरीदारी की और लगातार पटाखे जलाए गए।