कुरुक्षेत्र। सरस्वती नदी दर्शन यात्रा में हिस्सा लेते हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध
कुरुक्षेत्र। प्रदेश सरकार सबका साथ सबका विकास और सबका विश्वास नीति के आधार पर प्रदेश के हर जिले में समान रूप से विकास कार्य करवा रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की सभी नदियों को स्वच्छ किया जाए ताकि सभी नदियों में स्वच्छ जल की धारा बह सके। इतना ही नहीं लोगों की आस्था के अनुरूप ही नदियों का विकास कार्य नायब सरकार द्वारा करवाया जा रहा है। हरियाणा सरस्वती धरोहर विकास बोर्ड के उपाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच ने यह जानकारी दी।
वे रविवार को सरस्वती बोर्ड द्वारा सरस्वती नदी दर्शन यात्रा का शुभारंभ करने उपरांत बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सरस्वती बोर्ड द्वारा महंत विशाल मणि के नेतृत्व में सरस्वती नदी दर्शन यात्रा का शुभारंभ किया किया गया। यह यात्रा पिपली से मां सरस्वती के दरबार से आरंभ हुई जिसमें शहर के गणमान्य लोग शामिल हुए। यात्रा का उद्देश्य मुख्य सरस्वती घाटों पर पड़ने वाले सभी मंदिरों, घाटों, प्राचीन तीर्थों का जीर्णोद्धार का निरीक्षण करना तथा घाटों पर जो साफ-सफाई का कार्य चल रहा है उसका निरीक्षण करना है। उन्होंने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से लोगों के बीच जाकर यह भी संदेश दिया की स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए बोर्ड व प्रशासन का सहयोग करें।
स्वामी विशाल मणि ने कहा है कि जिस तरह से सरस्वती बोर्ड ने प्राचीन अष्ट कोशी यात्रा का शुभारंभ किया उसी तरह से जनता को महाभारतकालीन 48 कोस भूमि को फिर से जागृत करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्राचीन काल में भगवान श्रीकृष्ण के भाई बलराम ने महाभारत युद्ध में हिस्सा न लेकर सरस्वती की यात्रा की थी। उसी तर्ज पर अब इन यात्राओं का आयोजन किया जा रहा है ताकि लोगों को पुरानी परंपरागत पद्धति से अवगत कराया जा सके। इस मौके पर बीड़ पिपली सरपंच राजेश सैनी, पिपली के पंच मानक सिंह, सरस्वती बोर्ड के सदस्य अमित रोहिला, देवीदास पूरा गगन सैनी, गुरदयाल सिंह मझाड़ा सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।