कुरुक्षेत्र/पिहोवा/इस्माईलाबाद। पंजाब सीमा से लगे ट्यूकर बॉर्डर, अधोया और कुम्हार माजरा में प्रशासन पूरे इंतजाम के साथ मुस्तैद है। आने वाले दिनों में भी प्रशासन यहां कोई ढील बरतने को राजी नहीं है, क्योंकि किसान 29 फरवरी को कोई बड़ा फैसला लेने का एलान कर चुके हैं। इस वजह से जिला प्रशासन बॉर्डर पर कोई जोखिम लेने को तैयार नहीं है, जबकि किसान भी पूरे बंदोबस्त के साथ बॉर्डर पर मोर्चा संभाले हुए हैं।
भाकियू शादीपुर की सरपरस्ती में बॉर्डर पर चल रहे इस धरने में एसकेएम के फरमान को लागू कर किसान अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने से पीछे नहीं है वहीं पिहोवा के अधोया और इस्माईलाबाद के कुम्हार माजरा में भी प्रशासन तैनात है। हालांकि इन दोनों जगहों पर किसानों की ओर से कोई गतिविधि नहीं हुई है। मात्र ट्यूकर बॉर्डर पर पंजाब की तरफ के किसान 11 दिन से धरनारत हैं जबकि उनकी ओर से भी किसी तरह बॉर्डर को क्रॉस करने का प्रयास नहीं किया गया है, मगर प्रशासन उनकी हर हरकत पर नजर बनाए हुए है।
भाकियू शादीपुर के प्रधान बूटा सिंह ने कहा कि उनका धरना शांतिपूर्वक चल रहा है। वह दिल्ली जाकर लोकतांत्रिक तरीके से अपना हक मांगना चाहते हैं, मगर हरियाणा सरकार ने उनको बीच में ही रोक दिया। उनकी मांग है कि सरकार ने हाईवे से अपने बैरिकेडिंग हटाई है उसी तरह बॉर्डर से भी नाके हटा देने चाहिए। उनकी सभी मांगे वाजिब हैं। 29 फरवरी को एसकेएम के फैसले के बाद आगामी रणनीति बनाई जाएगी। तब तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।