स्वास्थ्य विभाग की टीमें जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर ले रही पानी के सैंपल
पिहोवा। स्वास्थ्य विभाग की टीमें जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों में घर-घर जाकर पानी के सैंपल ले रही हैं। लार्वा की स्थित को जांचा जा रहा है। जलभराव से प्रभावित क्षेत्र में एंटी लार्वा एक्टिविटी बनने और मच्छरों के प्रजनन की संभावना अधिक होती है, इसलिए इन क्षेत्रों में एंटी लार्वा एक्टिविटी का महत्व बढ़ जाता है। स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने इस्माईलाबाद के गांव ठसका मीरांजी के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की टीम लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रही है।
एसडीएम अभिनव सिवाच ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लार्वा नियंत्रण और मच्छरों पर रोकथाम के प्रयास करने में लगा हुआ है। नागरिकों को डेंगू और मलेरिया के खतरे और लार्वा नियंत्रण के महत्व के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एंटी लार्वा एक्टिविटी का उद्देश्य मच्छरों के लार्वा को नियंत्रित करना और डेंगू, मलेरिया जैसी बीमारियों को रोकने के लिए अभियान शुरू किया जा रहा है। जल संचयन और अन्य संभावित मच्छर प्रजनन स्थलों में लार्वा की उपस्थिति की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के टीम इंचार्ज डाॅ. अरुण पीएचसी ठसका मीरांजी ने बताया कि नैसी गांव में मेडिकल शिविर लगाकर 62 मरीजों की जांच की गई। वहीं टबरा व डेरा मोहम्मद शाह में मेडिकल कैंप लगाकर 100 से ज्यादा मरीजों की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की टीम में राहुल शर्मा, रविंदर सिंह. मंजु सूदन, प्रमिल, रेखा, डाॅ. राहुल, प्रीति सीएचो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं।