पहले की तरह एक बार फिर सरकारी स्कूलों में प्रयोग हुआ है। जिला के एक हजार से अधिक टीजीटी, पीजीटी व प्रिंसिपल को इधर से उधर कर दिया गया हैं। दो माह से चलाई जा रही प्रक्रिया के बाद शिक्षा विभाग की ओर से रविवार को ये आदेश जारी कर दिए गए हैं। हालांकि अपने नए स्कूल में ज्वाइन करने के लिए विभाग की ओर से एक सप्ताह का समय दिया गया है, लेकिन सोमवार से ही ज्वाइनिंग शुरू हो जाएगी। विभाग के इन आदेशों के बाद स्कूलों के हालात बदलने लगे हैं। कहीं बच्चों की शिक्षा पटरी से उतर गई है तो कहीं पटरी पर लौट आई है। अब संभावना जताई जा रही है कि इस सप्ताह स्कूलों में पहले शिक्षकों का जाना और नए शिक्षकों का आना जारी रहेगा, जिसका बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ने की आशंका से भी इंकार नहीं किया जा सकता।
बता दें कि जिले में 116 स्कूल हैं। इनमें 38 हाई स्कूल तो 78 सीनियर सेकेंडरी स्कूल है। अधिकतर स्कूलों के शिक्षकों का तबादला हुआ है। रविवार को सुबह जैसे ही तबादला आदेश हुए तो शिक्षकों के मोबाइल की घंटियां भी घनघनाने लगी। किसी को मनचाहा स्टेशन मिल सका तो किसी को अंतिम च्वाइस पर ही संतोष करना पड़ा। कई को एनीवेयर में भी रखा गया।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय शाहबाद मारकंडा में विज्ञान संकाय में 11वीं व 12वीं कक्षा में 110 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं और यहां दो जीव विज्ञान व दो भौतिकी विज्ञान के पद आवंटित कर दिए परंतु रसायन विज्ञान का कोई भी प्राध्यापक नहीं दिया गया। इसी तरह राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय हथीरा में विज्ञान संकाय में लगभग 30 विद्यार्थी पढ़ रहे हैं परंतु वहां भी गणित के दोनों अध्यापकों का तबादला कर दिया गया है।
शिक्षकों की मानें तो तबादला आदेशों के तहत राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कनिपला में रसायन विज्ञान के तीन पद दे दिए गए। जबकि आवश्यकता एक पद की है। इसी तरह से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय पीपली में जीव विज्ञान के तीन पद दे दिए गए जबकि आवश्यकता एक पद की है।
विभाग ने जिला के 38 हाई स्कूलों में से करीब 30 स्कूलों से सभी प्राध्यापकों का तबादला कर दिया गया है। बता दें जिले में करीब 1300 प्राध्यापक कार्यरत है तथा 60 से 70 प्रतिशत प्राध्यापकों ने इस ट्रांसफर ड्राइव में भाग लिया। विज्ञान के प्राध्यापकों को इस ट्रांसफर ड्राइव के कारण जिले के बाहर जाना पड़ा तथा बहुत सारे ऐसे प्राध्यापक हैं, जिन्हें 60 से लेकर 80 किलोमीटर तक की दूरी तय करनी पड़ेगी। 20 फीसदी से अधिक शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने लगभग 120 से 130 स्कूलों का चयन ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव में किया था परंतु उनमें से उन्हें कोई भी स्टेशन अलॉट नहीं हो पाया और वे एनीवेयर ऑप्शन में चले गए।
जिला शिक्षा अधिकारी बलजीत सिंह मलिक का कहना है कि तबादलों के बाद सभी शिक्षकों को इसी सप्ताह में ही नए स्टेशन पर ज्वाइन करना होगा। सरकार की रेशनलाइलेशन पॉलिसी के अनुसार किए गए तबादले के बाद स्कूलों के हालात अवश्य ही सकारात्मक रूप में बदलेंगे। सरकार की यह पॉलिसी कारगर सिद्घ हो रही है।
वहीं उन्होंने बताया कि कि दसवीं पास विद्यार्थी अब 15 सितंबर तक अपने आसपास के किसी भी स्कूल में 11वीं कक्षा में दाखिला ले सकेंगे। तबादलों के बाद बहले हालात के अनुसार भी छात्र स्कूल चयन कर सकेंगे।
हरियाणा स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन (हसला) के राज्य उपप्रधान डॉ. तरसेम कौशिक का कहना है कि गलत रेशनलाइजेशन किया गया है, जिस कारण सत्र के बीच में विद्यार्थियों को खामियाजा भुगतना पड़ेगा। एसोसिएशन इस रेशनलाइजेशन के विरोध में 24 अगस्त से करनाल में क्रमिक अनशन चला रही है, लेकिन शिक्षा विभाग ने उन्हें अनसुना कर गलत राशनलाइजेशन के जरिए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया।