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स्कूलों के मर्ज करने का किया विरोध जारी

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राज्य सरकार एक ही परिसर में स्थित प्राइमरी स्कूलों को मर्ज करने का फैसला कर चुकी है। इस फैसले को लेकर हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन विरोध कर रही है। एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष राजपाल कालड़ा ने कहा कि प्राइमरी स्कूलों की अलग स्कूल मैनेजमेंट कमेटी, अलग स्टाफ, अलग बैंक खाते, अलग ऑफिस एवं विद्यालय में बने हुए हैं। इन स्कूलों में अलग हैड हैं।
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कालड़ा ने कहा कि प्राइमरी स्कूलों का अलग से समूचा सिस्टम है। प्राइमरी स्कूलों में हेड टीचर की पोस्ट खत्म करने के लिए यह स्कूल मर्ज करने का फैसला लिया जा रहा है। प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग लगातार प्राइमरी स्कूलों और प्राइमरी शिक्षकों पर नए-नए प्रयोग कर रही है। उन्होंने कहा कि प्राइमरी स्कूलों को मर्ज करने से स्कूली व्यवस्था में किसी सुधार की अपेक्षा करना अनुचित है। प्राइमरी हैड टीचर के पास स्कूल की व्यवस्था के साथ अलग कक्षा भी होती है। सरकार पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ता। वह स्वतंत्र अपने स्कूल की व्यवस्था को बनाए रखता है। कालड़ा ने बताया कि जेबीटी शिक्षकों की केडर की एकमात्र पदोन्नति हैड टीचर की है। हरियाणा सरकार व शिक्षा विभाग जेबीटी टीचरों की इस पदोन्नति को छीनना चाहती है। शिक्षा विभाग को प्रदेश के सभी प्राइमरी स्कूलों में टीचरों के पद स्वीकृत कर हेड टीचरों को नियुक्त करना चाहिए। जबकि एक कैंपस वाले प्राइमरी स्कूलों में प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग हेड टीचरों के पद समाप्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपना फैसला वापस नहीं लिया तो एसोसिएशन आंदोलन करने पर मजबूर होगी।
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