कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के प्रधान डॉ. संजीव शर्मा ने उपलब्धियों का खाका प्रस्तुत करते हुए कहा कि सिर्फ नौ माह के कार्यकाल में शिक्षकों की 20 से अधिक मांगों को पूरा कराने में सफलता संगठन को मिली है। उन्होंने कहा कि कुटा ने वर्ष भर शिक्षक संघ व शिक्षकों की गरिमा को बनाए रखने के लिए कार्य किया। कुटा के इतिहास में पहली बार सभी शिक्षक साथियों के सहयोग से किसी अनहोनी की स्थिति में शिक्षक के परिवार को आर्थिक मदद देने की शुुरुआत की है। यूआईईटी के दिवंगत शिक्षक की बेटी को 396850 रुपये की सहयोग राशि दी गई है। डॉ. शर्मा बुधवार को कुटा कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि कुटा की मांग के अनुरूप विश्वविद्यालय में शिक्षकों के लिए 20 नए डी टाइप घर बनने जा रहे हैं। सुरक्षा के लिए विश्वविद्यालय के आवासीय क्षेत्र में 350 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। डा. संजीव शर्मा ने कहा है कि 3 मार्च को कुटा प्रधान बनने के बाद कुटा ने विश्वविद्यालय में महिला शिक्षकों को चाइल्ड केयर लीव का लाभ दिलाने, विश्वविद्यालय में शिक्षकों के लिए कष्ट निवारण समीति का गठन करवाने, वरियता के आधार पर बिना सेपरेट कंपोनेंट के आधार पर मकान अलाट करवाने, आठ हजार एजीपी वाले शिक्षकों को विभागाध्यक्ष बनवाने संबंधी निर्णय कुटा की कोशिशों का परिणाम है। कुटा प्रधान डॉ. संजीव शर्मा ने बताया कि महिला शिक्षकों को चाइल्ड केयर लीव का लाभ, दूरवर्ती शिक्षा विभाग के शिक्षकों को लैपटाप दिलवाने, शिक्षकों को मिलने वाली कंटीजेंसी ग्रांट को 3500 से 4500 रुपये करवाने तथा अगले वित्त वर्ष से कंटीजेंसी प्रक्रिया ओर सरल होगी।
डॉ. संजीव शर्मा ने कहा कि शिक्षकों की एमफिल पीएचडी की वेतन बढ़ोतरी को बेसिक पे में मर्ज करवाने, पेपर चेकिंग की पेमेंट आन द स्पॉट करवाने, पेपर चेकिंग का पारिश्रमिक 50 रुपये से 100 रुपये करवाने, विश्वविद्यालय में पहली बार कष्ट निवारण समिति का निर्माण करवाने, सेल्फ फाइनेंस स्कीम में कार्यरत शिक्षकों की कंफरमेशन एवं सेवाएं नियमित करवाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। कुटा सचिव डॉ. महाबीर रंगा ने बताया कि सुरक्षा के लिए थर्ड गेट से यूनिवर्सिटी हेल्थ सेंटर तक ग्रिल लगवाई गई है, बीटीएच, एमटीएच व टीएफ घरों की मरम्मत करवाई गई है। सुपर एमटीएच व डी टाइप घरों के सामने पार्किंग की व्यवस्था करवाई गई है। डा. शर्मा ने कहा है कि शिक्षकों के हितों के लिए वे आगे भी इसी तरह से लड़ते रहेंगे। इस अवसर पर डॉ. कामराज सिंधू, डॉ. चांदराम जिलोवा, डॉ. गोपाल प्रसाद सहित अन्य पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
यूनिवर्सिटी कॉलेज व बीएड कॉलेज को मिलेगा संस्थान का दर्जा
कुटा सचिव डॉ. महाबीर रंगा ने बताया ने यूनिवर्सिटी कॉलेज एवं बीएड कॉलेज को संस्थान का दर्जा देने का प्रस्ताव विश्वविद्यालय कार्यकारिणी से पारित हुआ है। अब इसे राज्य सरकार के पास भेजा जा रहा है। पिछले कई वर्षों से केयू के शिक्षकों की यह मांग पेंडिंग थी। कुटा ने सेल्फ फाइनेंस स्कीम में लगे शिक्षकों जीजेयू की तर्ज पर बजटिड में करवाने को लेकर मुहिम शुरू की है। इसके लिए कुलपति को ज्ञापन सौंपा गया है। उन्होंने बताया कि बिना नेट पीएचडी शिक्षकों को पांच वेतन बढ़ोतरी का लाभ दिलाने, पेंशन से वंचित शिक्षकों को एमडीयू की तर्ज पर लाभ दिलाने, यूनिवर्सिटी कॉलेज, कॉलेज ऑफ एजुकेशन को संस्थान का दर्जा दिलाने के लिए कुटा का शिष्टमंडल राज्यपाल, मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री एवं वित्त मंत्री से मिलकर ज्ञापन सौंपा है। मकानों पर लगने वाले इनकम टैक्स को हटवाने के लिए प्रयास किए गए हैं।
वंचित शिक्षकों को जल्द मिलेंगे लैपटॉप
कुटा उप प्रधान डॉ. चंद्रकांत ने बताया कि नवनियुक्त शिक्षक एवं विधि संस्थान के लैपटॉप से वंचित शिक्षक उन्हें जल्द लैपटॉप मिलेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसे अनुमति दे दी है, 9 शिक्षकों को जल्द लैपटॉप मिलेंगे।