शाहाबाद। नारेबाजी करते स्टाफ सदस्य। स्वयं
शाहाबाद। गीता विद्या मंदिर में बुधवार को शिक्षण कार्य पूरी तरह ठप रहा, जब स्कूल स्टाफ ने तीन महीने से लंबित वेतन के विरोध में नाराजगी जाहिर की। शिक्षकों और कर्मचारियों ने नारेबाजी की और वेतन भुगतान सहित अन्य मांगों के लिए रोष व्यक्त किया।
स्टाफ का कहना था कि प्रांत के सदस्यों को बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं किया गया जिससे मजबूर होकर उन्हें हड़ताल का सहारा लेना पड़ा। मंगलवार को ही शिक्षकों ने प्राचार्य को सूचित कर दिया था कि जब तक वेतन जारी नहीं किया जाता, वे कक्षाएं नहीं लेंगे। इसके चलते स्कूल प्रशासन को विद्यार्थियों को घर भेजना पड़ा और बुधवार को छुट्टी घोषित करनी पड़ी। अचानक हुई इस हड़ताल से विद्यार्थी और अभिभावक दोनों परेशान रहे। कई अभिभावकों ने सवाल उठाया कि बच्चों की पढ़ाई का नुकसान कौन भरेगा। ग्रुप डी कर्मचारी रमा ने बताया कि त्योहारों के समय में भी उन्हें तीन महीने से वेतन नहीं मिला है। हर महीने वेतन के लिए प्रबंधन के आगे गिड़गिड़ाना पड़ता है। इसी तरह सुमेधा, कमलेश, पूजा सिंगला, पूजा गुप्ता, सुनीता शर्मा, सीमा गाबा, मेनका, कारण, दीपक कुमार, अनुराधा, गोमती, जसबीर सहित अन्य स्टाफ सदस्यों ने भी लोकल प्रबंधक कमेटी पर लापरवाही और ठीक व्यवहार न करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि कई बार विद्या भारती, हिंदू शिक्षा समिति और प्रांतीय पदाधिकारियों को शिकायत दी लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। स्थिति गंभीर होती देख प्रधानाचार्या निशा गोयल ने तुरंत संज्ञान लिया और उच्च अधिकारियों को सूचित किया।
शाहाबाद। नारेबाजी करते स्टाफ सदस्य। स्वयं