संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। जिले में 45 हजार एकड़ में 5400 क्विंटल ढैंचा का बीज किसानों को उपलब्ध करवाने का लक्ष्य रखा गया है। इस जिले में किसानों को 12 किलो प्रति एकड़ का बीज देने की सिफारिश की गई है।
कृषि एवं कल्याण विभाग के उप निदेशक डाॅ. कर्मचंद ने बातचीत करते हुए कहा कि ढैंचा को हरी खाद के रूप में सदियों से प्रयोग किया जा रहा है। ढैंचा की फसल की जड़ें मिट्टी के जीवाणुओं के साथ काम करती है और वातावरण से नाइट्रोजन को ट्रैप करके जमीन में जमा करती है। इसलिए कृषि विभाग द्वारा हरियाणा के सभी जिलों में छह लाख एकड़ क्षेत्र में 72 हजार क्विंटल ढैंचा के बीज का हरी खाद के रूप में प्रयोग के लिए हरियाणा बीज विकास निगम के बिक्री केंद्रों के माध्यम से 80 प्रतिशत अनुदान पर देने का प्रबंध किया है।
उन्होंने कहा कि बीज की मात्रा 12 किलो प्रति एकड़ सिफारिश की जाती है और एक किसान 10 एकड़ यानी 120 किलो तक ढैंचा का बीज प्राप्त करके अपने खेतों में हरी खाद के रूप में बिजाई कर सकता है। इसके लिए इच्छुक किसान एग्रीहरियाणा.जीओवी.इन पर पंजीकरण कर सकते है। यह बीज 10 अप्रैल से 30 मई 2025 तक हरियाणा बीज विकास निगम के बिक्री केंद्रों पर उपलब्ध रहेगा। खेतों में हरी खाद डालने से यह खाद मिट्टी की संरचना में सुधार करती है, मिट्टी की जलधारण क्षमता बढ़ाती है।