जाट आरक्षण आंदोलन की आड़ में प्रदेश में ओबीसी सहित 35 बिरादरियों के लोगों के घरों, दुकानों और व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आगजनी और लूटपाट करने के विरोध में ओबीसी समाज के लोगों में रोष है। बाबैन में सोमवार को ओबीसी और एससी समाज के सैकड़ों युवाओं ने बैठक कर आक्रोश जाहिर किया।
प्रदेश सरकार को चेतावनी दी कि यदि सरकार ने गरीब लोगों की जान और माल की सुरक्षा नहीं की, तो ओबीसी और एससी समाज के लोग खुद सख्त कदम उठाएंगे। युवा ओबीसी ब्रिगेड के राजीव गुढ़ी ने कहा कि सरकार की नाकामी के कारण ही आंदोलनकारियों ने पुलिस और आर्मी के सामने ही ओबीसी और एससी समाज के लोगों के घरों, दुकानों, व्यापारिक प्रतिष्ठानों में आगजनी करने के साथ ही लूटपाट भी की।
उन्होंने कहा कि ओबीसी और एससी समाज का युवा अब ऐसे हमलों को सहन नहीं करेगा। अपने समाज की सुरक्षा खुद करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। बैठक में युवाओं ने जाट समाज के लोगों का सामाजिक, आर्थिक और राजनैतिक बहिष्कार करने का भी निर्णय लिया।
इस अवसर पर प्रवीण सैनी रामसरन माजरा, मनीष टाटकी, अशोक टाटका, गुलशन, अवतार टाटका, कमल, रुबल बाबैन, सुभाष, रविकांत, सुनील कुमार, जोनी, सुमित, महेंद्र वाल्मीकि विकास धीमान, गुरनाम कश्यप आदि ने अपने विचार रखे।
थाना प्रभारी ने समझाने पर रुका रोषमार्च
बैठक की सूचना पर बाबैन के थाना प्रभारी छोठू राम फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने युवाओं को रोष मार्च न निकालने के लिए समझाया। इसके बाद युवाओं ने रोष मार्च नहीं निकाला।