कुरुक्षेत्र। जिले के एनएचएम कर्मियों के अस्पताल परिसर में धरना-प्रदर्शन और चिकित्सकों की घर से चल रही हड़ताल से स्वास्थ्य सेवाएं बिगड़ गईं। अस्पताल में करीब 700 से ज्यादा मरीज उपचार लेने के लिए पहुंचे मगर सभी को उपचार नहीं मिल सका। 300 से ज्यादा मरीजों को बिना उपचार लिए ही लौटना पड़ा। उधर पहले से बंद पड़ी ओपीडी, ऑपरेशन और पोस्टमार्टम की सुविधा के बाद एनएचएम कर्मियों की हड़ताल से टीकाकरण, एसएनसीयू, एनआईसीयू, टीबी टेस्ट व दवा वितरण की सेवाओं पर भी ब्रेक लग गया, मगर स्वास्थ्य विभाग ने किसी तरह एंबुलेंस सेवाएं जारी रखने के लिए कर्मियों को राजी कर लिया। इस सेवा के बहाल होने से विभाग ने राहत की सांस ली।
सुबह नौ बजे के करीब नेशनल हेल्थ मिशन के 500 से ज्यादा कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में सीएमओ कार्यालय के बाहर हड़ताल शुरू कर दी। उनकी हड़ताल के कारण एनसीडी, स्कूल स्वास्थ्य, मानसिक स्वास्थ्य, डिलीवरी, आरटीएस के कार्यक्रम समेत 10 तरह की सेवाएं और सभी तरह के पोर्टल प्रभावित रहे और मरीजों को बगैर उपचार, जांच और दवा के लौटना पड़ा। हालांकि एनएचएम कर्मियों की हड़ताल के बावजूद जिलेभर में एंबुलेंस चालक और सहयोगी कर्मी अपनी ड्यूटी पर रहे। हड़ताल की वजह से अस्पताल के साथ-साथ सीएमओ कार्यालय का कार्य भी प्रभावित हुआ।
वहीं शुक्रवार को अस्पताल में बीमारी के कारण मृत घोषित एक व्यक्ति के शव का पोस्टमार्टम फॉरेंसिक विशेषज्ञ की बजाय, एसएमओ पदोन्नत हुए डॉ. एसएस अरोड़ा ने किया, जबकि शवगृह में रखे दो अज्ञात शवों के पोस्टमार्टम नहीं हो पाए। हड्डी रोग विशेषज्ञ ने एक बच्चे का ऑपरेशन किया। दोपहर दो बजे तक 43 गर्भवती, 216 मेडिसिन ओपीडी, 19 कैंसर रोगी, 12 ईएनटी, 121 नेत्र, 37 दांत की जांच समेत करीब 736 मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इसमें 300 से ज्यादा मरीजों को बगैर उपचार के ही लौटना पड़ा। अनुबंध तौर पर कार्यरत चिकित्सक परामर्श-फिजिशियन डॉ. शैलेंद्र ममगाईं शैली, हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. अनूप मेहता, दंत चिकित्सक सहित कई चिकित्सकों ने मरीजों को जांचा।
आज भी हड़ताल पर रहेंगे चिकित्सक : डॉ. नागर
एचसीएमएसए के जिला प्रधान डॉ. प्रदीप नागर ने बताया कि हड़ताल के कारण इमरजेंसी, पोस्टमार्टम और ओपीडी सेवाएं दूसरे दिन भी पूरी तरह से ठप रहीं। एसोसिएशन से जुड़े सभी चिकित्सक अवकाश पर रहे। एसोसिएशन की ओर से तीसरे दिन भी हड़ताल जारी रखने का आह्वान हुआ है, जबकि विभाग परिवीक्षाधीन अवधि वाले चिकित्सकों को ड्यूटी पर आने के लिए दबाव डाल रहा है। हड़ताल में शामिल सात चिकित्सकों को पत्र भी जारी किया गया है। यह सरासर गलत है और वे उन चिकित्सकों के साथ खड़े रहेंगे।
नहीं बन पाई सहमति, जारी रहेगी हड़ताल : आत्रेय
प्रदेश कोषाध्यक्ष पंकज आत्रेय ने बताया कि उनकी मांगों पर बैठक में दूसरे दिन भी सरकार के साथ कोई सहमति नहीं बन पाई है। चार दिन तक उनका धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा। इस दौरान उनसे जुड़ी सुविधाओं पर कोई काम नहीं किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। कर्मी सीएमओ कार्यालय के बाहर चार दिन तक सुबह नौ से शाम चार बजे तक धरना-प्रदर्शन करेंगे।