कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कौमारभृत्य विभाग की ओर से आयुर्वेदिक अस्पताल में शनिवार को स्वर्णप्राशन संस्कार शिविर आयोजित किया गया, जिसमें 400 से अधिक बच्चों को स्वर्णप्राशन की बूंदें पिलाई गई। स्वर्णप्राशन शिविर का उद्देश्य बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता, बुद्धि, स्मरण शक्ति एवं संपूर्ण विकास को बढ़ाना है।
कौमारभृत्य विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर वैद्य सुधीर मलिक ने बच्चों के अभिभावकों को स्वर्णप्राशन के लाभ के बारे में जागरूक किया और बताया कि हर पुष्य नक्षत्र के दिन यह संस्कार बच्चों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। यह बार-बार बीमार पड़ने वाले बच्चों को स्वास्थ्य लाभ देता है। विभाग के चेयरमैन प्रो. वैद्य शंभू दयाल शर्मा ने बताया कि स्वर्ण प्राशन के सेवन से बच्चों का शारीरिक एवं मानसिक दोनों तरह से विकास होता है।
अब 25 जुलाई को लगेगा शिविर
अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र चौधरी ने बताया कि हर पुष्य नक्षत्र के दिन विश्वविद्यालय के आयुर्वेद अस्पताल परिसर में शिविर लगाया जाता है, जिसमें कौमारभृत्य विभाग के अनुभवी वैद्यों की देखरेख में स्वर्णप्राशन संस्कार विधि पूर्वक किया जाता है। आगामी पुष्य नक्षत्र 25 जुलाई को स्वर्णप्राशन संस्कार शिविर आयोजित किया जाएगा।