तीर्थ पूजन और गीता यज्ञ के साथ गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने दो दिवसीय वामन द्वादशी मेला का शुभारंभ किया। 25 साल के बाद वीरवार सुबह स्वामी ज्ञानानंद ने मंत्रोच्चारण के साथ तीर्थ पूजन किया और गीता यज्ञ में आहुति डाली। स्वामी ज्ञानानंद ने श्रीमद्भागवत गीता का वितरण भी किया तथा दीप प्रज्ज्वलित करके वामन पुराण कथा की शुरुआत की।
प्रसिद्ध कथावाचक शुकदेवाचार्या ने व्यासपीठ से कथा का आगाज किया। इससे पहले श्री ब्राह्मण एवं तीर्थोद्धार सभा के मुख्य सलाहकार जयनारायण शर्मा, प्रधान पंडित पवन शास्त्री, प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा अन्य पदाधिकारियों ने गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद का पुष्प गुच्छ भेंट करके स्वागत किया।
स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि वामन द्वादशी मेला कुरुक्षेत्र का समर्पित संकल्पित भाव है। इस वामन द्वादशी मेले में नगर की सभी धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं का सद्भाव प्राप्त हुआ है। वामन द्वादशी मेला कुरुक्षेत्र के इतिहास का गौरव है। एक समय आता है जब तीर्थ स्वयं को प्रकट करता है और यह वही समय है जब तीर्थ ने अपनी गरिमा को स्वयं प्रकट किया है। हमारी संस्कृति परंपराओं, तीर्थों और अवतारों की संस्कृति है। 25 वर्ष के पश्चात वामन द्वादशी मेले का पुन: जागृत होना प्रभु के आशीर्वाद से ही हुआ है। उन्होंने कहा कि तीर्थ जीवंत परंपरा है।
भारतीय परंपराओं में वामन भगवान का अवतार भगवान विष्णु का मानव के रूप में प्रथम अवतरण है। गीता जयंती ने जिस प्रकार अंतरराष्ट्रीय स्वरूप पाया है उसी प्रकार वामन द्वादशी का यह मेला भी विशाल रूप धारण करेगा। गीता मनीषी ने सभा को जीओ गीता की ओर से हर प्रकार का सहयोग देने की बात कही। प्रसिद्ध कथावाचक शुकदेवाचार्या ने कहा कि वामन रूप में भगवान विष्णु ने पहला मानव अवतार धारण किया था। वहीं सरस्वती आयुर्वेदिक अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज मनाली के चिकित्सकों की टीम ने मेडिकल शिविर लगाया तथा औषधीय पौधे वितरित किए। सभा के मुख्य सलाहकार जयनारायण शर्मा ने कहा कि स्वामी ज्ञानानंद की प्रेरणा से वामन द्वादशी का मेला पुन: जागृत हुआ है।
इस मेले के साथ ही सभा की ओर से रोजाना संध्या कालीन आरती की जाएगी। यहां आरती स्थल का निर्माण जीओ गीता द्वारा कराया गया है। जय नारायण शर्मा ने मेले में सहयोग देने के लिए सभी तीर्थ पुरोहितों, केडीबी तथा नगर की सभी धार्मिक एवं सामाजिक संस्थाओं का आभार जताया। आज शुक्रवार को भव्य शोभा यात्रा निकाली जाएगी। इस मौके पर केडीबी मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, केके कौशिक, डॉ. सतदेव, श्याम तिवारी, नितिन भारद्वाज लाली, आरडी शर्मा, बीएल अग्रवाल, शुभम अग्रवाल, डॉ. नेहा शर्मा, डॉ. नितिका, डॉ. नितिन जुनेजा, डॉ. अभिषेक, प्रिंसिपल वीराज विलास जाधव, दीक्षा ठाकुर, सिमरनजीत कौर, हनी, महकनीत कौर, प्राची सहित अन्य मौजूद रहे।