शाहाबाद। सूरजमुखी की जहां अनाजमंडियों में अभी भी जोरों से आवक है वहीं 30 जून को सरकारी खरीद बंद हो जाएगी। ऐसे में किसानों के समक्ष बड़ा संकट खड़ा होने की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। वहीं बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।
वीरवार को शाहाबाद अनाज मंडी की दोनों एसोसिएशन की संयुक्त बैठक हुई, जिसमें आढ़तियों ने सूरजमुखी की खरीद 15 जुलाई तक बढ़ाने की मांग की है। मंडी प्रधान स्वर्णजीत कालड़ा और प्रधान धनपतराय अग्रवाल ने कहा कि आढ़ती प्रदेश सरकार का आभार व्यक्त करते हैं कि सरकार ने भावांतर से खरीद करके हैफेड के माध्यम से सूरजमुखी का उचित मूल्य किसानों को दिया है, जिससे किसान व मंडी आढ़ती खुश हैं। उन्होंने कहा कि अभी तक हैफेड ने एक लाख 60 हजार क्विंटल सूरजमुखी की खरीद कर ली है और मंडी के 200 आढ़तियों ने इस फसल की तुलाई बरसात की अड़चन के बाद भी की है और अभी तक 60 प्रतिशत सूरजमुखी का उठान भी हो चुका है। आढ़तियों ने कहा कि फसल की पेमेंट भी किसानों के खाते में आ चुकी है। उन्होंने कहा कि अगर इसी सूरजमुखी की तुलाई सरकार की दुकान पर होती तो इसमें 90 दिन लगते, लेकिन आढ़तियों के माध्यम से त्वरित खरीद व तुलाई हुई है जिससे किसानों के खातों में पेमेंंट अति शीघ्र आई है।
मंडी प्रधान स्वर्णजीत सिंह कालड़ा और प्रधानपत राय अग्रवाल ने सरकार से अपील की है हेफेड के माध्यम से आढ़तियों ने सूरजमुखी की खरीद की है उस पर पांच प्रतिशत के हिसाब से पांच करोड़ जीएसटी बनता है। यह जीएसटी 10 जुलाई को भरना पड़ेगा। इसलिए आढ़ती सरकार से अपील करते हैं कि दस जुलार्ई से पहले-पहले पांच करोड़ जीएसटी किसानों के खातों में डाला जाए, ताकि आढ़ती जीएसटी की अदायगी कर सकें। उन्होंने कहा कि अगर यह जीएसटी दस जुलार्ई को न चुकाया गयाा तो आढ़तियों पर पेनाल्टी शुरू हो जाएगी।