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कुरुक्षेत्र में सूरजमुखी खरीद विवाद: शाहाबाद में भड़के किसान, लाडवा रोड किया जाम; प्रशासन से वार्ता विफल

Wed, 27 May 2026 02:32 PM IST
Naveen संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र (हरियाणा)

सार

सरकार ने आढ़त (कमीशन) 1 प्रतिशत तय की है, जिस पर आढ़ती सूरजमुखी खरीदने को तैयार नहीं हैं। गत दिवस (मंगलवार) को ही आढ़तियों ने साफ तौर पर ऐलान कर दिया था कि वे 1 फीसदी आढ़त पर किसी भी कीमत पर खरीद शुरू नहीं करेंगे।
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प्रदर्शनकारी किसान - फोटो : संवाद
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विस्तार
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सूरजमुखी की खरीद को लेकर शाहाबाद अनाज मंडी में चल रहे विवाद ने अब उग्र रूप ले लिया है। फसल की खरीद शुरू न होने से नाराज किसान सड़क पर उतर आए हैं और उन्होंने लाडवा रोड पर पूरी तरह से जाम लगा दिया है। मौके पर मौजूद पुलिस ने जाम खुलवाने का भारी प्रयास किया, लेकिन किसान अपनी मांग पर अड़े हुए हैं और पुलिस को सफलता नहीं मिल पाई है।

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क्या है विवाद की मुख्य जड़
सरकार ने 25 मई से सूरजमुखी की सरकारी खरीद शुरू करने का ऐलान किया हुआ है। इसके बावजूद अनाज मंडी में खरीद शुरू नहीं हो पाई है। इसका मुख्य कारण आढ़तियों (कमीशन एजेंटों) और सरकार के बीच कमीशन को लेकर फंसा पेंच है। सरकार ने आढ़त (कमीशन) 1 प्रतिशत तय की है, जिस पर आढ़ती सूरजमुखी खरीदने को तैयार नहीं हैं। गत दिवस (मंगलवार) को ही आढ़तियों ने साफ तौर पर ऐलान कर दिया था कि वे 1 फीसदी आढ़त पर किसी भी कीमत पर खरीद शुरू नहीं करेंगे।

प्रशासन से वार्ता विफल, सड़क पर उतरे किसान
इसी गतिरोध को तोड़ने के लिए भारतीय किसान यूनियन (चढूनी गुट) ने मार्केट कमेटी कार्यालय पर एक पंचायत बुलाई थी। किसानों ने प्रशासन के समक्ष मांग रखी कि सरकार और आढ़तियों के बीच के विवाद का असर किसानों पर नहीं पड़ना चाहिए और सूरजमुखी की खरीद तुरंत शुरू कराई जाए।
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जब अधिकारी इस समस्या का कोई समाधान निकालने में विफल रहे, तो भाकियू कार्यकर्ता और किसान लाडवा रोड पर धरना देकर बैठ गए। जाम खुलवाने को लेकर पुलिस और किसानों के बीच कुछ तीखी बहस भी हुई, लेकिन गतिरोध बरकरार है।

यूनियन की स्पष्ट चेतावनी
भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश बैंस ने कहा है कि उनका रुख बिल्कुल स्पष्ट है। जैसे ही मंडी में सूरजमुखी की खरीद शुरू होगी, किसान तुरंत अपना धरना खत्म कर देंगे।

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