गो संवर्धन और नस्ल सुधार की दिशा में गुरुकुल कुरुक्षेत्र ने क्रांतिकारी कदम उठाया है। इसके तहत रविवार को गुरुकुल स्थित गोशाला में गाय के अंडे निकालने की प्रक्रिया का सफल परीक्षण किया गया। जेके बोवाजेनिक्स के सहयोग से इस विधि द्वारा अच्छी नस्ल की गाय से एक वर्ष में 25 बच्चे तक लिए जा सकेंगे।
इस दौरान एक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन गुरुकुल के संरक्षक एवं हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत ने किया। आचार्य देवव्रत ने बताया कि इस तकनीक में एक गाय से अंडे दूसरी गाय में प्रत्यारोपित कर नस्ल सुधार का कार्य किया जा सकेगा।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उत्तर भारत में गुरुकुल कुरुक्षेत्र में ऐसा एकमात्र परीक्षण किया गया है और इस तकनीक से न केवल अच्छी नस्ल की गायों से ज्यादा से ज्यादा बच्चे लिए जा सकेंगे बल्कि जो गाय दूध नहीं देती और सड़कों पर लावारिस घूमती है, उनसे भी अच्छी नस्ल के बच्चे लिए जा सकेंगे।
हरियाणा कृषि विभाग के डीजी डॉ. जी एस जाखड़ ने सरकार से हर संभव सहयोग देने की बात कही।