गांव जैनपुर में चल रहे जाट समाज के जिलास्तरीय धरने पर 26 फरवरी को काला दिवस मनाने पर अड़े है। जिन्हें मनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने भरसक प्रयास किए, लेकिन धरना दे रहे लोगों ने सभी अपील अस्वीकार कर दी और काला दिवस प्रदेश स्तरीय फैसला करार देेेते हुए इसे मनाने का निर्णय लिया। जिसके चलते ही जिला प्रशासन एवं पुलिस पूरी तरह सतर्कता बरत रही है। पुलिस ने काला दिवस को लेकर पांच जाट नेताओं को भी नोटिस जारी कर उनकी जिम्मेदारी तय की है। इसी कड़ी में पुलिस ने शनिवार शाम को धरनास्थल पर जाकर जाट नेताओं से बातचीत की और उन्हें मनाने का प्रयास किया।
शाहाबाद के डीएसपी जगदीश राय और लाडवा थाना प्रभारी निर्मल कुमार शनिवार शाम को गांव जैनुपर पहुंचे और जाट संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष बलदेव राठी एवं अन्य नेताओं के साथ बैठक की। बैठक में डीएसपी जगदीश राय ने जाट नेताओं को कहा कि वे धरनास्थल पर काला दिवस न मनाएं ताकि स्थिति शांतिपूर्ण बनी रहे, लेकिन जाट नेता इसके लिए राजी नहीं हुए। जाट नेताओं ने कहा कि 26 फरवरी को काला दिवस मनाने का फैसला संघर्ष समिति की राज्यस्तरीय बैठक में लिया गया, जिसे किसी हालत में बदला नहीं जा सकता। प्रदेश में चल रहे सभी धरनों में रविवार को काला दिवस मनाया जाएगा।
जाट नेताओं की दो टूक के बाद पुलिस प्रशासन ने पांच जाट नेताओं को नोटिस जारी किए। डीएसपी जगदीश राय के निर्देश पर लाडवा थाना प्रभारी निर्मल कुमार ने जाट नेताओं को नोटिस जारी करते हुए कहा कि काला दिवस मनाने के दौरान किसी तरह का हुड़दंग और उपद्रव होने पर जाट नेता इसके लिए जिम्मेदार होंगे।
पुलिस ने जिलाध्यक्ष बलदेव सिंह राठी, प्रदेश सचिव आशीष फौजदार, मिहां सिंह, रणबीर नांदल और साहब सिंह को नोटिस जारी किए। उधर धरने में शनिवार को विभिन्न बिरादरियों के लोगों ने पहुंचकर समर्थन दिया। धरने में केयू से संबंधित कर्मचारी संगठन कुंटिया के पूर्व पदाधिकारियों ने पहुंचकर जाट समाज का हौसला बढ़ाया। धरने की अध्यक्षता पूर्व कुटिया प्रधान मानसिंह गूढा ने की। कुंटिया पूर्व प्रधान बाबूराम गुप्ता ने कहा कि इन दिनों प्रदेश के भाईचारे को बिगाडने की कोशिशें हो रही हैं और सरकार में शामिल कुछ लोग ही भाईचारे को बिगाड़ना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसी कोशिशें कामयाब नहीं होने दी जाएंगी ।
एसपी ने ली अधिकारियों की बैठक, जारी किये जरुरी दिशा-निर्देश
कुरुक्षेत्र। जाट आरक्षण संघर्ष समिति द्वारा रविवार को मनाये जाने वाले काले दिवस के आह्वान को लेकर पुलिस प्रशासन में हलचल बढ़ गई है। जिला भर की पुलिस अलर्ट पर आ गई है तो वहीं किसी भी प्रकार की स्थिति से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। पुलिस अधीक्षक अभिषेक गर्ग ने एक बैठक ली, जिसमें जिला के सभी पुलिस अधीक्षक और प्रबंधक थाना मौजूद रहे। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने जरुरी दिशा-निर्देश भी जारी किये। काले दिवस के चलते संघर्ष समिति द्वारा अधिक से अधिक लोगों से धरना स्थल पर पहुंचने की अपील की गई है।
एसपी ने बताया कि ऐसे में असामाजिक तत्वों के भी सक्रिय होने की संभावना बनी रहती है और अपराधिक तत्व भी मौके का फायदा उठाकर कानून और व्यवस्था को भंग करने का प्रयास कर सकते हैं। ऐसे असामाजिक तत्वों को नियंत्रण में रखने के लिये पुलिस विभाग पूरी तरह से अलर्ट है। उन्होंने बताया कि किसी भी स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिये पुलिस विभाग की चार कंपनियां जरुरी दंगा विरोधी उपकरणों के साथ पूरी तरह से अलर्ट पर हैं। सभी पुलिस उपाधीक्षकों को आदेश दिये गये हैं कि वे अपने-अपने अधिनस्थ क्षेत्रों में स्थिति पर नजर रखेंगे और कानून व्यवस्था को पूरी तरह से बहाल रखने के जिम्मेवार होंगे।
सरकारी संस्थानों की सुरक्षा की चाक चौबंद
काले दिवस की तैयारियों के हालात को ध्यान में रखते हुये सभी सरकारी भवनों, कोर्ट परिसर और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी संस्थानों की सुरक्षा चाक चौबंद कर दी गई है। इसके अतिरिक्त पुलिस के वाहनों को भी अलर्ट पर रखा गया है ताकि जरुरत पड़ते ही पुलिस विभाग की सक्षम टुकडिय़ों को प्रभावित क्षेत्रों पर ले जाया जा सके।
शांति बनाए रखने की अपील
पुलिस अधीक्षक ने आम जनता को आह्वान करते हुये कहा कि वे आपसी भाईचारा और शांति को बनायें रखें और पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह से सरकारी संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने का प्रयास करे। यदि कोई भी व्यक्ति कानून व्यवस्था को हाथ में लेने का प्रयास करे तो इस बारे में तुरंत पुलिस अधिकारियों को सूचित करें ताकि समय रहते स्थिति को नियंत्रण में रखा जा सके।