भाजपा विधायक के कोरोना पॉजिटिव होने के तीन दिन बाद कंटेनमेंट जोन बनाना क्या प्रधानमंत्री की अपील से खिलवाड़ नहीं है। खासकर तब जब पीएम खुद बोले हों कि नियम गांव के प्रधान और प्रधानमंत्री दोनो के लिए एक हैं। कुरुक्षेत्र के उक्त कंटेनमेंट जोन के अलावा दो गज की दूरी और मास्क को लेकर बरती जा रही लापरवाही लगातार सामने आ रही है। हद तो ये है कि प्रधानमंत्री के इस संदेश के प्रति उनका नाम लेकर राजनीति करने और लाभ के पदों पर बैठे लोग कितने गंभीर हैं ? इसका अंदाजा लॉकडाउन से लेकर अनलॉक वन के बीच हुई सरकारी और गैर सरकारी गतिविधियों में अनेक बार सामने आ चुका है।
पिछले दिनों सूर्यग्रहण अनुष्ठान के दौरान खुलकर लापरवाही सामने आई थी। एक अधिकारी ने तो यहां तक पुष्टि की है कि हरियाणा की एक उच्चाधिकारी ने सूर्यग्रहण अनुष्ठान को लाइव देखते हुए कुरुक्षेत्र के एक अधिकारी को इसलिए फटकार लगाई थी, क्योंकि ना तो दो गज का फासला वहां नजर आ रहा था और ना ही कई लोगों द्वारा मास्क संबंधित दिए आदेश अमल में लाये जा रहे थे। अनुष्ठान के दौरान इस तरह की लापरवाही के देखा देखी वहां मौजूद कई लोग उस स्थिति में आ चुके थे जैसे कोरोनाकाल समाप्ति की घोषणा हो चुकी हो। बहरहाल पीएम ने तो संदेश संदेश में साफ कर दिया कि कंटेनमेंट जोन को लेकर गंभीरता दिखानी होगी। हमें टोकना होगा, रोकना होगा और गंभीरता से सोचना होगा और इसी में देश की जनता की भलाई है।
शहर में चर्चा क्या सुधा सूर्यग्रहण से पहले थे संक्रमित
थानेसर के विधायक सुभाष सुधा के जल्द स्वस्थ होने की कामना के साथ इस बात को लेकर ज्यादा चर्चा हो रही है कि वह कोरोना वायरस की चपेट में कहां आए। कुछ लोगों का कहना है कि वह सूर्यग्रहण ग्रहण अनुष्ठान से पहले कोरोना वायरस की चपेट में आ चुके थे, जबकि कई यह मान रहे हैं कि वे 22 जून के बाद कोरोना की चपेट में आए।
क्या सुधा के क्लोज कांटेक्ट में सभी का होगा टेस्ट
शहर में इस समय इस बात को लेकर भी चर्चा हो रही है कि विधायक सुधा के क्लोज कांटेक्ट में कितने लोग आए ? क्या इन सभी के कोरोना टेस्ट हो चुके हैं ? सबसे ज्यादा चिंता का विषय यह है कि सूर्यग्रहण अनुष्ठान में अनेक लोग ऐसे शामिल हुए थे जिनकी आयु 60, 65,70 और 80 से भी ज्यादा थी। क्या उन सभी के टेस्ट हो चुके हैं ?
27 को फैली थी कोरोना पॉजिटिव की खबर
बहरहाल सुभाष सुधा के पॉजिटिव आने के बाद उनकी धर्मपत्नी एवं थानेसर नगर परिषद की अध्यक्षा उमा सुधा सहित 20 लोगों के कोरोना टेस्ट स्वास्थ्य विभाग करा चुका है। बता दें कि 27 जून को ही विधायक के कोरोना पाजिटिव होने की खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी, मगर अधिकारिक तौर पर इसकी पुष्टि 28 जून को हुई, जब 29 जून तक भी कंटेनमेंट जोन नहीं बना तो 30 जून को अमर उजाला में सुधा के परिवार सहित 20 लोगों के कोरोना पॉजिटिव होने व कंटेनमेंट जोन न बनाये जाने की खबर प्रमुखता प्रकाशित की थी।
डीसी की प्रतिक्रिया
अमर उजाला से बातचीत में डीसी धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि वह चंडीगढ़ में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि सूचना यह थी कि विधायक और उनका परिवार घर में नहीं है। घर में किसी के न होने के चलते ऐसा किया गया था, लेकिन जब यह पता चला कि घर में परिवार के एक दो लोग हैं, तब मंगलवार को कंटेनमेंट जोन की कार्रवाई हुई।