कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा की अध्यक्षता में विवि के शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान तथा भारतीय संसाधन एवं विकास संघ के बीच बुधवार को समझौता किया गया। भारतीय संसाधन एवं विकास संघ की ओर से प्रतिनिधि के रूप में राजपाल, डॉ. बृजमोहन शर्मा व अरविंद कुमार स्वामी उपस्थित रहे।
कुलपति प्रो. सोमनाथ सचदेवा ने कहा कि यह समझौता ज्ञापन एनईपी-2020 के उद्देश्यों के अनुरूप है, इसलिए इससे छात्रों के लिए इंटर्नशिप और रोजगार के अवसर पैदा होंगे और कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए इंटर्नशिप के अवसरों, नवाचार, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, अनुसंधान और सामाजिक पहलों के संदर्भ में अत्यधिक लाभकारी होगा।
आईटीटीआर की प्राचार्या प्रो. अनिता दुआ ने कहा कि इंटर्नशिप, स्वयंसेवी कार्यक्रमों और शोध परियोजनाओं के माध्यम से छात्रों के लिए अनुभवात्मक शिक्षण के अवसर मिलेंगे। सामाजिक चुनौतियों का समाधान करने और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए संयुक्त शोध पहल और साझेदारियां करने के लिए यह समझौता महत्वपूर्ण है।
इस अवसर पर कुलसचिव डॉ. वीरेंद्र पाल, अधिष्ठाता शिक्षा संकाय प्रो. उषा रानी, प्राचार्य प्रो. रीटा, प्रोफेसर अनीता दुआ, लोक संपर्क विभाग के निदेशक प्रो. महासिंह पूनिया, सहायक प्रोफेसर दिविज गुगनानी, डॉ. ममता चावला व डॉ. दिग्विजय सिंह मौजूद रहे।
क्या है भारतीय संसाधन एवं विकास संघ
भारतीय संसाधन एवं विकास संघ एक पंजीकृत स्वैच्छिक संगठन है। आईआरडीए की स्थापना 2005 में सोसाइटी अधिनियम के तहत हुई थी और यह पिछले दो दशकों से नवीन विज्ञान आउटरीच परियोजनाओं में संलग्न है। आइआरएडीए का एक उद्देश्य विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से विज्ञान को लोकप्रिय बनाना और उसका संचार करना है। आइआरएडीए भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विज्ञान के राष्ट्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संचार परिषद की ओर से वर्ष 2020 के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता संगठन है।