संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय और कॉलेज खोलने की मांग को लेकर बुधवार को संयुक्त छात्र संगठन के बैनर तले विद्यार्थियों ने राज्यपाल, सीएम, शिक्षा मंत्री तथा केयू कुलपति के नाम ज्ञापन दिया। इससे पहले विद्यार्थी सवा 12 बजे केयू परिसर कॉफी हाउस में एकत्रित हुए और ोष मार्च निकालते हुए कुलपति कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया।
आधे घंटे के प्रदर्शन के बाद छात्रों एक प्रतिनिधिमंडल केयू कुलपति प्रो. सोमदत्त सचदेवा से मिला तथा अपनी मांग उनके सम्मुख रखी। छात्रों ने केयू के मुख्य सुरक्षा अधिकारी प्रो. सीआर जलोवा को ज्ञापन दिया। छात्र नेता विकास बलाही ने कहा कि ऑनलाइन कक्षाओं से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। ऑनलाइन कक्षाओं में सही पढ़ाई न होने के कारण विद्यार्थी मानसिक दबाव भी झेल रहे हैं। विद्यार्थियों के हित के लिए ऑफलाइन कक्षाएं शुरू की जानी चाहिए।
कोविड गाइडलाइन को अपनाते हुए बाजारों को खोला जा रहा है। अब तो सरकार ने शराब के ठेकों को भी रात दस बजे तक खोलने की इजाजत दे दी है, मगर स्कूल, विश्वविद्यालय, कॉलेज सहित सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया। यहां तक प्रदेशभर में सभी सरकारी, राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जा रहे हैं। इसके साथ-साथ शिक्षण संस्थानों में ही छात्रावास खुले हैं। फिर भी ऑफलाइन कक्षाएं नहीं लगाई जा रही है।
कहा कि सरकार और केयू प्रशासन छात्रों की ताकत को कम समझने की भूल न करें। अगर इस सांकेतिक प्रदर्शन और ज्ञापन के बाद भी केयू प्रशासन और सरकार ने उनकी मांग को अनसुना किया तो छात्र एकजुट होकर बड़ा आंदोलन करेंगे। कुलपति कार्यालय के बाहर आंदोलन किया जाएगा। बलाही ने बताया कि कुलपति ने छात्र संगठनों को आश्वासन दिया है कि उनकी मांग को सरकार और राज्यपाल तक पहुंचाया जाएगा। उनके ज्ञापन के साथ केयू प्रशासन भी विश्वविद्यालय और कॉलेज खोलने के लिए सरकार से सिफारिश करेगा। केयू का पूरा स्टाफ विश्वविद्यालय खोलने के हक में है। इस मौके पर सुमित, रणदीप, सुमित जागलान, अमित, अंशुल, अक्षय, विकास, कौशल सहित कई विद्यार्थी मौजूद रहे।
रणदीप ने बताया कि घर से पढ़ना था तो छात्र कोर्रेपॉन्ड्स से परीक्षा दे देते। दाखिले और हॉस्टल के नाम पर छात्रों से फीस वसूली के बाद विश्वविद्यालय और कॉलेज को बंद करके सरकार ने छात्रों को लूटने का काम किया है।
सुमित ने कहा कि सभी छात्र तीसरी लहर में ऑनलाइन पढ़ाई का विरोध शुरू कर रहे हैं। केयू प्रशासन और सरकार को छात्रों की मांग माननी चाहिए। वैसे भी केयू सुरक्षा कर्मी बगैर डबल डोज का सर्टिफिकेट देखे और बगैर मास्क के केयू परिसर में प्रवेश करने नहीं देते हैं।
अंबाला से आए छात्र कौशल ने बताया कि वह अंबाला कैंट में एसडी कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष का छात्र है। उसने बीए की ऑनलाइन परीक्षाएं दी थी, जिसमें केयू प्रशासन ने उसे एसएस की परीक्षा में अनुपस्थित दिखाकर उसकी कंपार्टमेंट दी है। उसने परीक्षा देने से संबंधित तथ्य भी पेश किए हैं, दो बार आने के बाद भी उसकी समस्या का समाधान नहीं किया जा रहा है।
छात्र विकास ने बताया कि वह अंबाला कैंट में एसडी कॉलेज में बीए तृतीय वर्ष का छात्र है। उसने भी बीए की ऑनलाइन परीक्षाएं दी थी, जिसमें केयू प्रशासन ने उसे अंग्रेजी की परीक्षा में अनुपस्थित दिखाकर उसकी कंपार्टमेंट दी है। कभी उसे डायरी नंबर लाने की मांग की जा रही है तो कभी दी गई परीक्षा के सबूत पेश करने को कहा जा रहा है। हालांकि वह तथ्य भी पेश कर चुका है।
सुमित छौक्कर ने कहा कि घर व कैंपस में छात्र मानसिक दबाव झेल रहे हैं। इससे बाहर आने के लिए विद्यार्थियों को खुले वातावरण की जरूरत है। ऑनलाइन पढ़ाई किसी भी सूरत में विद्यार्थियों के हित में नहीं है। जब सामाजिक, राजनीतिक और सरकारी कार्यक्रम चल रहे हैं तो शिक्षण संस्थान भी खोले जाने चाहिए।