कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय में फीस वृद्धि को लेकर छात्रों और प्रशासन के बीच बुधवार को हुई वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद छात्र नेताओं ने 11 जून से आमरण अनशन शुरू करने का ऐलान किया है। वे फीस वृद्धि वापस लेने और लिखित आदेश जारी होने तक संघर्ष जारी रखेंगे।
छात्र नेता भारत बराड़ ने बताया कि बातचीत में छात्रों ने अपनी मांगें मजबूती से रखीं। हालांकि, विश्वविद्यालय की ओर से कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला। इसके बाद भारत बराड़, शुभम राणा, अंशुल और गौरव पठानिया ने वीसी कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठने का निर्णय लिया है। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय लगातार तीसरे वर्ष फीस बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यापार नहीं है और न ही केवल अमीर वर्ग का अधिकार। बढ़ती फीस से गरीब और मध्यमवर्गीय विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा कठिन हो रही है। छात्र नेताओं के अनुसार, एलएलबी और एलएलएम की फीस 2024-25 में 16,151 रुपये थी। यह 2025-26 में बढ़कर 17,010 रुपये और 2026-27 में 18,680 रुपये हो गई है। एमबीए (बजटेड) की फीस भी 59,240 रुपये से बढ़ाकर 64,290 रुपये कर दी गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि दाखिला फीस के साथ री-अपीयर और री-इवैल्यूएशन शुल्कों में भी वृद्धि हुई है। छात्रों ने सरकार से अतिरिक्त बजट लेने की मांग की है।